झांसी। पराली से निपटने की तैयारियों में झांसी पूरे सूबे में सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है। पिछले वर्ष पराली जलाने वाले दस बड़े जनपदों में झांसी भी शुमार था। इसकी पुनरावृत्ति रोकने को सरकार ने तीस ग्राम पंचायतों में उपकरण बैंक तैयार करने को कहा। प्रत्येक ग्राम पंचायत को चार लाख रुपये के अनुदान के हिसाब से करीब 1.20 करोड़ रुपये भी दिए गए लेकिन, इसके बावजूद किसी ग्राम पंचायत ने अभी तक इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई जबकि फसल कटाई का काम करीब आरंभ हो चुका। इस लेटलतीफी पर शासन ने भी नाराजगी जताते हुए अफसरों को फटकार लगाई है।
बुंदेलखंड में झांसी में धान का रकबा काफी कम है। मोंठ, समथर जैसे इलाकों में ही धान होता है लेकिन, पराली जलाने के मामले में झांसी पश्चिमी यूपी के दूसरे शहरों से पीछे नहीं है। पिछले वर्ष बड़ी संख्या में किसानों के खिलाफ एफआईआर के साथ जुर्माना भी वसूला गया। मुख्य सचिव तक को सुप्रीम कोर्ट ने तलब कर लिया था। उसके बाद प्रदेश सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम पंचायतों की भूमिका तय की। सभी किसानों तक उपकरणों की पहुंच हो इसके लिए पंचायत स्तर पर कृषि मशीनरी बैंक स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
पंचायतों को सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड, पैडी स्ट्राचर, रीपर जैसे उपकरण खरीदने थे। इनकी खरीद के लिए प्रत्येक पंचायत को चार लाख रुपये दिए गए। झांसी में तीस पंचायतों को योजना में शामिल किया गया। 15 अक्तूबर तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश थे लेकिन, अभी तक किसी पंचायत ने प्रक्रिया ही शुरू नहीं की जबकि तमाम जगहों पर फसलों की कटाई आरंभ हो चुकी। पूरे प्रदेश में झांसी, लखमीपुर, महराजगंज जैसे जनपदों में काम पीछे चल रहा है। इस पर मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने नाराजगी जताते हुए जल्द प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
इन ग्राम पंचायतों में बनाया जाना है उपकरण बैंक
बसोवई, शाहजहांपुर, वेलमाकलां, बरथरी, बहादुरपुर, अमरगढ़, बंकुआबुजुर्ग, सुल्तानपुरा, पहाड़ी बुजुर्ग, लड़ावरा, बम्हरौली, पचोबई, अटरिया, भरौसा, कडूरा, सिकंदरा, बांगरी, करगुवां, छिनौरा, चिरगांव देहात, सेमरी, साधन सहकारी समिति, भोजला, किसान सेवा सहकारी समिति, मोठ, किसान सेवा सहकारी समिति बमनुआं, परगहना, गुलारा, नांदखास, बराटा, पहलगुवां, बचावली बुजुर्ग।
पराली जलाने वाले किसानों को जेल, निरस्त होगा शस्त्र लाइसेंस
डीएम ने मातहतों को भी दिया अल्टीमेटम
झांसी। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने कैंप कार्यालय में बैठक करके पराली जलाए जाने पर रोकथाम को लेकर रणनीति तैयार की। जिलाधिकारी ने मातहतों को निर्देश दिया कि पराली जलाते हुए किसी किसान के मिलने पर उसे सीधे जेल भेजा जाए। उसके पास शस्त्र लाइसेंस है तब उसे भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाए। अगली फसल के लिए उसे बीज भी न दिए जाएं। डीएम ने पराली जलाए जाने की घटना सामने आने पर ग्राम प्रधान के साथ ही संबंधित एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदार ठहराए जाने की बात कही। उन्होंने ग्राम प्रधानों से जागरूकता अभियान चलाने को कहा। डीएम ने बताया कि दोषियों पर दंड भी लगाया जाएगा। एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने तहसीलवार ऐसे गांव चिन्हित करने को कहा जहां धान की फसल रोपी गई है। बैठक में सीडीओ शैलेष कुमार, एडीएम राम अक्षयवर चौहान, प्रभारी डीडी कृषि केके सिंह, डीपीआरओ जेपी गौतम समेत अन्य उपस्थित थे।