दलहन के लिए अनुकूल है बुंदेलखंड की माटी: नरेंद्र सिंह
झांसी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बुंदेलखंड की माटी दलहन के लिए अनुकूल है। जिस बुंदेलखंड को अभी तक पिछड़ा एवं कम पानी वाला क्षेत्र बताया जाता था, वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र दलहन उत्पादन में क्रांति लाकर पूरे देश में जाना जाएगा। शुक्रवार को यह बात उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय एवं दलहन विकास निदेशालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में कही।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की संपूर्ण खेती उपजाऊ और खाद्यान्न क्षेत्र में बढ़ोतरी हो सके, इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों को अहम भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन रिपोर्ट में न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की बात कही गई है। उन्होंने किसानों की आय दोगुना करने के लिए भारत सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा चना पर आधारित तकनीकी बुलेटिन तथा कृषि जीवन के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया।
इस मौके पर कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय कृषि क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है और देता रहेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक भारत सरकार 150 सीड हब विकसित कर चुकी है तथा पूरे भारत में बड़े पैमाने पर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के वजह से दलहन उत्पादन में यह क्रांति संभव हो पायी। कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अद्वितीय साबित होगा। वैज्ञानिक इस क्षेत्र में दलहन के प्रोत्साहन के लिए कार्य कर रहे हैं और आगे निश्चित तौर पर किसानों की आय दोगुनी होगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरविंद कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड में दलहन व तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय लगातार काम कर रहा है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करने वाले छात्र- छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान में देश के राज्यों के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला किसानों के लिए वरदान साबित होगी। दलहन क्षेत्र में निश्चित ही किसान आगे बढ़ेंगे। विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि मटर का समर्थन मूल्य किसानों को मिलना चाहिए। प्रारंभ में स्वागत भाषण अधिष्ठाता डॉ. एसके चतुर्वेदी ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर दलहन विकास निदेशालय भोपाल के निदेशक डॉ. एके तिवारी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया के कुलपति डॉ. एसके राव, जबलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. बीएस तोमर, डॉ. जेवी वैश्ंपायन, दलहन संस्थान कानपुर के निदेशक डॉ. एनके सिंह, डॉ. विजय यादव, डॉ. स्वराज सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्तिका सिंह, आभार डॉ. एके तिवारी व डॉ. एआर शर्मा ने व्यक्त किया।
महिला छात्रावास का किया उद्घाटन
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित महिला मनु छात्रावास और कुलपति आवास का उद्घाटन किया। छात्रावास में 180 छात्राओं के रुकते ही व्यवस्था की गई है। साथ ही नवनिर्मित ऐकेडमिक बिल्डिंग का अवलोकन किया।
किसानों ने देखी प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्थल पर किसानों ने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय विश्वविद्यालय, पशुपालन विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, भरारी, ताराग्राम, कृषि वानिकी अनुसंधान, वसुधा अमृत बुंदेलखंड नेचुरल उत्पादन, दलहन विकास निदेशालय, भोपाल एवं बुंदेलखंड चैंबर आफ कॉमर्स द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को देखा।