पति, सास व ससुर को आजीवन कारावास
झांसी। अपर जिला जज न्यायालय संख्या पांच अभय श्रीवास्तव की अदालत ने हत्या का दोष सिद्ध होने पर दहेज लोभी पति, सास व ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरवैया ने बताया कि थाना मोंठ के ग्राम महुआ खेरा निवासी राजेंद्र सिंह ने थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि उसकी पुत्र रीमा देवी का विवाह ग्राम अटरिया निवासी संजीव के साथ 29 अप्रैल 2015 को हुआ था। ससुराल से लौटकर रीमा ने बताया कि सास चंदा, ननद प्रतिक्षा, ससुर हरिराम व पति संजीव मारपीट कर मायके से दो लाख रुपये व बाइक लाने का दबाब बनाते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं। 24 नवंबर 2015 को सूचना मिली कि ससुरालीजनों ने रीमा देवी को जलाकर हत्या कर दी है। पुलिस ने सास, ससुर, ननद व पति के विरूद्ध धारा 498ए, 304बी, 04 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। शुक्रवार को साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर पति संजीव उर्फ आशिक, ससुर हरिराम, सास चंदा देवी को धारा 304बी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, धारा 498ए में तीन-तीन वर्ष के कारावास व बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। वहीं, धारा 04 में दो-दो वर्ष की सजा, दस-दस हजार रुपये अर्थदण्ड और अदा न करने पर तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।