झांसी। प्याज की कीमतों को लेकर आए दिन हल्ला मचने लगा है। यूं तो इसकी कई वजह हैं लेकिन बड़ा कारण मांग ज्यादा और उत्पादन कम होना है। अभी तक नासिक की प्याज पर ही पूरा प्रदेश निर्भर है लेकिन अब अपने सूबे में ही प्याज का उत्पादन बढ़ाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। अब बुंदेलखंड में भी बड़े पैमाने पर खेती होगी। पहले चरण में 300 हेक्टेयर भूमि पर प्याज की खेती करने का फैसला हुआ है। 82 हजार क्विंटल प्याज उत्पादन का लक्ष्य है।
बुंदेलखंड की धरती दलहनी और तिलहनी फसलों का बड़ा केंद्र है। लेकिन यहां की मिट्टी और जलवायु प्याज की खेती के लिए भी मुफीद मानी गई है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए सर्वे के बाद तय हुआ कि बुंदेलखंड में बड़े स्तर पर प्याज की खेती की जा सकती है। फिलहाल शुरूआत के लिए 300 हेक्टेयर रकबा तय किया गया है। कृषि अफसरों का कहना है कि इससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा। पिछले साल 50 हेक्टेयर में प्याज की खेती हुई थी। अब इसको बढ़ा दिया गया है। अफसरों का कहना है कि अगर किसान प्याज की खेती में दिलचस्पी दिखाएंगे तो आगे आने वाले वर्षों में रकबा और बढ़ाया जा सकता है।
बीज मुफ्त में मिलेगा किसानों को
उद्यान निरीक्षक लक्ष्मीकांत अवस्थी ने बताया कि किसानों को प्याज की खेती के लिए प्रेरित करने के लिए बीज मुफ्त में दिया जाएगा। किसानों को खेती के लिए टिप्स भी दिए जाएंगे। विभाग का मकसद है कि अधिक से अधिक किसान प्याज की खेती करें। ताकि यहां रकबा बढ़ाया जा सके। ब्लाक स्तर पर गोष्ठी करके भी किसानों को प्याज की खेती के लिए जागरूक किया जाएगा। बड़े किसानों से भी इसके लिए संपर्क किया जा रहा है।
ये हैं आंकड़े
-----
जनपद प्याज की खेती का तय रकबा संभावित उत्पादन
झांसी 150 हेक्टेयर 37500 क्विंटल
ललितपुर 120 हेक्टेयर 30000 क्विंटल
जालौन 58 हेक्टेयर 14500 क्विंटल
कुल 328 हेक्टेयर 82000 क्विंटल
वर्जन
हर साल अक्तूबर-नबंवर में प्याज की मांग बढ़ती है तो दाम आसमान छू लेते हैं। चूंकि प्याज महाराष्ट्र से आती है, इसलिए आते-आते दाम बढ़ जाते हैं और यहां तक पहुंचने में लोगों तक नहीं पहुंच पताी है। अब बुंदेलखंड के ही लगभग एक हजार किसान प्याज की खेती करेंगे तो सर्दियों में प्याज की मांग बढ़ने पर यहां के लोगों को बुंदेलखंड में उत्पादित प्याज मिलने लगेगा। - विनय कुमार तिवारी, उपनिदेशक उद्यान