शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद का आयोजन हुआ, जिसमें शामिल हुए बुद्धिजीवियों ने एक फरवरी को संसद में पेश होने वाले देश के आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।
ज्यादातर लोगों का कहना रहा कि बजट अर्थव्यवस्था की सुस्ती को दूर कर रफ्तार देने वाला हो। बजट में सरकार खासतौर पर मध्यम वर्गीय और निचले तबके का ख्याल रखे। व्यापारियों के लिए टैक्स अदायगी की प्रक्रिया आसान हो व टैक्स स्लैब में भी छूट दी जाए।
खुदरा व्यापार को बढ़ावा मिले, इसकी भी व्यवस्था की जाए। कृषि को उद्योग के रुप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाए। महंगाई पर अंकुश लगे, बजट में ऐसे प्रावधान किए जाएं। सभी वर्ग की जरूरतों को पूरा करने वाला हो बजट। बुंदेलखंड का औद्योगिक सन्नाटा दूर हो, इस बजट में इसके विशेष प्रावधान किए जाएं।
बजट में निवेशक और उपभोक्ता दोनों का ख्याल रखा जाना चाहिए। निवेश बढ़ने से रोजगार बढ़ेंगे, जबकि खरीदारी बढ़ने से उत्पादन में वृद्धि होगी। देश के लिए ये जरूरी है।
- प्रो. श्रीराम अग्रवाल, अर्थशास्त्री
पिछले कुछ समय से बाजार सुस्ती के दौर से गुजर रहे हैं। देश में मंदी का माहौल बना हुआ है। सरकार को देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला बजट पेश करना चाहिए।
- राखी जैन, गृहणी
बजट में मध्यम वर्ग के लोगों का विशेष ख्याल रखा जाए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाला हो बजट, ताकि युवा नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के बारे में सोचें।
- योजना मिश्रा, गृहणी
जीएसटी जमा करने की प्रक्रिया आसान बनाई जाए, ताकि कारोबारी इसे खुद जमा कर सकें, उन्हें सीए का सहारा नहीं लेना पड़े। इसके लिए कारोबारियों को प्रशिक्षित किया जाए।
- मनीष रावत, गारमेंट व्यवसायी
बजट हवा हवाई न हो। सरकार मध्यम व निचले वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश करे। दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी न की जाए।
- नितिन अग्रवाल, कारोबारी
पेट्रोल - डीजल की बढ़ी हुई कीमतों का असर हर सामान पर पड़ता है। इससे महंगाई बढ़ती है। बजट में तेल की कीमतों को कम करने के प्रावधान करने चाहिए।
- महेंद्र कुमार द्विवेदी, कारोबारी
खेती में सबसे ज्यादा खर्च डीजल पर होता है। इसके भाव बढ़ने पर लागत बढ़ जाती है और मुनाफा कम हो जाता है। किसानों को डीजल पर सब्सिडी दी जानी चाहिए।
- रवींद्र कुमार रावत, किसान
युवा अपना रोजगार स्थापित करें, वे नौकरी के पीछे न भागें, इसके लिए बजट में स्टार्टअप को फाइनेंसियल सपोर्ट देने का प्रावधान किया जाए।
- निर्भय ठाकुर, कारोबारी
आयकर के विवादित मामलों के निस्तारण के लिए ब्याज माफी की व्यवस्था की जाए। इससे लोग मूल रकम जमा करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।
- निमेष खन्ना, चार्टर अकाउंटेंट
बजट में कृषि को उद्योग के रूप में विकसित किए जाने का प्रावधान किया जाए। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, साथ ही सरकार को कर्जमाफी भी नहीं करनी पड़ेगी।
- शैलेंद्र चौहान, चार्टर अकाउंटेंट
खाद्य उत्पादन में कमी आ रही है। बजट में इसे विशेष प्रोत्साहन देने के प्रावधान किए जाएं। खेती की जमीन कम न हो, इसके लिए भू उपयोग परिवर्तन आसानी से न किए जाए।
- निशांत शुक्ला, समाजसेवी
सरकार को मिलने वाले टैक्स का बड़ा हिस्सा व्यापारियों के जरिये पहुंचता है। टैक्स जमा करने की प्रक्रिया आसान की जानी चाहिए। इसका प्रशिक्षण भी देना चाहिए।
- नीरज सिंह, समाजसेवी
जीएसटी के बाद से व्यापारी पूरी तरह से चार्टर अकाउंटेंट पर निर्भर होकर रह गए हैं। इससे समय भी लगता है और खर्च भी बढ़ गया है। बजट में इससे छुटकारा दिलाने का प्रावधान होना चाहिए।
- प्रदीप त्रिपाठी, सराफा कारोबारी
ऑनलाइन बाजार से खुदरा बाजार हिला हुआ है। ऑनलाइन खरीदारी पर जो छूट ग्राहक को मिलती है, वही छूट देने की व्यवस्था खुदरा व्यापारियों के लिए भी की जानी चाहिए।
- पंकज शुक्ला, कारोबारी
रसोई गैस हो या अन्य खाद्य पदार्थ, सभी की कीमतें बढ़ी हुईं हैं। इनमें नरमी आए, संसद में पेश होने वाले देश के आम बजट में इसके प्रावधान किए जाने चाहिए।
- निधि अग्रवाल, गृहिणी
मंदी के दौर को तोड़ने के लिए सरकार को कारोबार को रफ्तार देनी होगी। इस बजट में इसके लिए बड़े कदम उठाने की जरूरत है। सरकार को इसका ख्याल रखना चाहिए।
- सुरेंद्र गुप्ता, मारबल व्यवसायी