झांसी। बुंदेलखंड की सभी 26 मंडियां ऑनलाइन हो गई हैं। अब यहां पर आवक, बिक्री पर्ची और मंडी शुल्क ऑफलाइन वसूलने पर पूरी तरह पाबंदी हो गई है। ई-मंडी होने के बाद अब कर चोरी पर पूरी तरह विराम लग सकेगा। इससे सरकार का राजस्व और पारदर्शिता दोनों में इजाफा होगा।
मंडी परिषद एक फरवरी से प्रदेश की सभी मंडियों में टैक्स संबंधी गतिविधियां ऑनलाइन करने जा रही है। कई मंडियों में इस व्यवस्था का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने मंडियों में कारोबार सुगम बनाने के लिए मंडी शुल्क दो प्रतिशत से घटाकर एक फीसदी कर दिया है। साथ ही मंडियों में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए समुचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत फॉर्म-6 आर, फॉर्म-9 और फॉर्म-7 आर समेत शुल्क वसूली संबंधी सभी गतिविधियां ऑनलाइन की जा रही हैं। ये फॉर्म आवक पर्ची व ट्रांजिट शुल्क और मंडी शुल्क की अदायगी के लिए भरे जाते हैं। इसके लिए व्यापारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। ताकि, ऑनलाइन फॉर्म भरने में उन्हें कोई दिक्कत न आए। उप निदेशक मंडी सीपी तिवारी ने बताया कि बुंदेलखंड की कई मंडियों को पहले ही ऑनलाइन कर दिया गया था। मगर अब सभी 26 मंडियां ई-मंडी हो गई हैं। मंडियों के ऑनलाइन होने के बाद पारदर्शिता बढ़ेगी।