तहसील के ग्राम स्यावरी निवासी डालचंद्र पुत्र गंगा प्रसाद अहिरवार ने कोतवाली पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि आज उनके घर पर उनकी भतीजी की शादी की रस्में चल रही थीं। सुबह कुछ रिश्तेदार व उनका पुत्र प्रिंस अपने खेत पर नहाने गए थे। खेत पर फलों का बगीचा लगा हुआ है। उसी समय खेत पर गांव के एक व्यक्ति ने बगीचे में बकरियां घुसा दी थीं। तब उनके बेटे ने मना किया तो उक्त व्यक्ति ने उनके पुत्र पर जानलेवा हमला कर दिया।
इस बीच उनके रिश्तेदारों ने मना किया तो उनसे भी गाली-गलौज व जातिसूचक शब्द कहे। साथ ही समाज के कुछ लोगों को बुला लिया। वह लोग रिश्तेदारों व बेटे को लाठी-डंडों व लात-घूंसों से पीट रहे थे। उसने बताया कि सभी लोग रिश्तेदार को तालाब के पास रस्सी से गला बांधकर पीट रहे थे। कुछ लोग उसके पुत्र को गाड़ी में बैठाकर ले गए। उसी समय अन्य रिश्तेदारों व गांव के लोगों ने देखा और मना किया तो उक्त लोगों ने हत्या करने की धमकी देते हुए कहा कि अगर तुम लोगों ने इसको छुड़ाने की कोशिश की तो जान से मार देंगे।
तभी रिश्तेदारों व गांव के लोगों ने छुड़ाने की काफी कोशिश की तो उक्त लोगों ने फायरिंग की और दो रिश्तेदारों के ऊपर पत्थरबाजी की। रिश्तेदारों को काफी चोटें आईं व उसके पुत्र को लेकर भाग गए। जब पीड़ित को पता चला तो वह दोनों पति-पत्नी अपनी भतीजी की हल्दी छोड़ कर तालाब के पास घटना स्थल पर पहुंचे। वहां पर उक्त लोगों ने जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कार्रवाई की मांग की है।