बुंदेलखंड विवि भले ही शासन से तय शैक्षणिक कलेंडर के अनुसार परीक्षा कराने का दावा कर रहा है मगर हकीकत एकदम अलग है। हाल यह है कि किसी भी राजकीय कॉलेज की यूजी सीटों पर 50 फीसदी से ज्यादा दाखिले नहीं हुए। वहीं, पीजी में दाखिले का ग्राफ 25 से 30 फीसदी ही है। कॉलेज प्राचार्यों का कहना है कि जब तक सीट नहीं भरेंगी, परीक्षाएं कराना संभव नहीं होगा। वहीं, बुधवार को पूरे दिन सिर्फ एक घंटे ही पोर्टल चल सका।
कुलसचिव राजबहादुर का दावा है कि शासन से मिले शैक्षणिक कलेंडर के अनुसार ही प्रथम, तृतीय व पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं कराई जाएंगी। इसके लिए अवकाश पर ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं लगाने के लिए कहा गया है। कक्षाओं का समय भी बढ़ाया जाएगा मगर हकीकत यह है कि बुधवार तक राजकीय कॉलेज (बीकेडी, बिपिन बिहारी कॉलेज, आर्य कन्या कॉलेज, राजकीय महिला कॉलेज) में यूजी की 50 फीसदी भी सीटें नहीं भरी हैं।
बीकेडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके राय ने बताया कि चालू माह के अंत तक सीटें भरने की उम्मीद नहीं कर सकते। बिपिन बिहारी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. टीके शर्मा ने बताया कि बुधवार को सिर्फ एक घंटे के लिए समर्थ पोर्टल चला। इसके चलते ज्यादा प्रवेश नहीं हो सके। राजकीय महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि शुरू में काफी छात्राएं प्रवेश के लिए आईं। पोर्टल के सही के काम न करने की वजह से निराश होकर लौंट गईं। अब छात्राओं का आना लगभग बंद हो गया है। वहीं, आर्य कन्या कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका नायक ने बताया कि प्रवेश का बड़ा बुरा हाल है। पोर्टल के नहीं चलने की वजह से सीटें भर नहीं पा रही हैं।
बीयू के प्रवेश समन्वयक प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी खामी से प्रवेश नहीं होने के मसले पर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।