अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीयू प्रशासन ने ओबीसी व लॉर्ड बुद्धा हॉस्टल से समता हॉस्टल में विस्थापित 77 छात्रों की सूची जारी कर दी है। सूची छात्रों के वाट्सएप ग्रुप में भेजने के साथ-साथ हॉस्टल के गेटों पर भी चस्पा कर दी गई है। वहीं, 17 छात्रों को रूम आवंटित नहीं किए गए हैं क्योंकि हॉस्टल फीस जमा नहीं की गई है। कहा गया है कि सोमवार शाम तक आवंटित छात्रावास में विस्थापित छात्रों के न पहुंचने पर आवंटन निरस्त हो जाएगा। इससे विस्थापित छात्रों में ऊहापोह की स्थिति है।
करीब 10 दिन पहले बीयू प्रशासन ने लार्ड बुद्धा, बीसी और समता हॉस्टल को सीनियर छात्रों से खाली कराने और नवप्रवेशितों को आवंटित करने का फैसला लिया। सीनियर छात्रों को हॉस्टल खाली करने का नोटिस भी थमा दिया गया। तर्क दिया कि कई सीनियर छात्रों ने हॉस्टल फीस जमा नहीं की है। यही नहीं, नवप्रवेशितों का उत्पीड़न किया जाता है। इस पर सीनियर छात्रों ने कुलपति कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया था।। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल आवंटन के समय ऐसी कोई शर्त नहीं थी कि एक वर्ष में ही हॉस्टल खाली करना होगा। इस पर बीयू प्रशासन ने तय किया कि सीनियर छात्रों को समता हॉस्टल में विस्थापित किया जाएगा।
सोमवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके सैनी और प्रवोस्ट पुरुष छात्रावास प्रो. मुन्ना तिवारी ने संयुक्त रूप से लॉर्ड बुद्धा और ओबीसी हॉस्टल से समता हॉस्टल में विस्थापित किए 77 छात्रों की सूची जारी कर दी। 60 छात्रों को 30 कमरे आवंटित किए गए हैं। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि छात्र पढ़ाई करने के लिए आए हैं, न कि स्थायी रूप से रहने के लिए। यह संभव नहीं है कि उन्हें इच्छानुसार हॉस्टल और कक्ष आवंटित किया जाए।