झांसी। कोरोना के चलते बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने स्नातक और परास्नातक की परीक्षाओं का समय 50 प्रतिशत घटा दिया है। अब द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं डेढ़ घंटे की होंगी। एक दिन में दो विषयों के प्रश्नपत्र की परीक्षा कराई जाएगी। इस बार प्रश्नपत्र का पैटर्न भी बदला होगा। विद्यार्थी ओएमआर शीट पर परीक्षा देंगे। शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में इन फैसलों पर मुहर लग गई।
बीयू की परीक्षाएं 25 जुलाई के बाद होनी हैं। कोरोना के चलते इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं करा रहा है। शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में कई अहम फैसले हुए। सबसे बड़ा निर्णय परीक्षाओं का समय 50 प्रतिशत तक घटा देना रहा। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पान ने बताया कि इस बार एक दिन में दो प्रश्नपत्रों की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा ओएमआर शीट पर देनी होगी। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक पेपर के लिए 45-45 मिनट का समय होगा। यानी कि दो पेपरों को विद्यार्थियों को डेढ़ घंटे में हर करना होगा। अगर किसी पाठ्यक्रम में एक दिन में एक पेपर होगा, तो वह 45 मिनट का होगा। वहीं, तृतीय वर्ष वाले ऐसे विद्यार्थी जिनकी पहले साल की बैक क्लियर नहीं हो पाई है, उनका अलग से बैक पेपर कराया जाएगा। इसके अलावा दूसरे साल वाले छात्र-छात्राओं की बैक पेपर परीक्षा के साथ ही होंगे। इसके अलावा प्रथम वर्ष के सेमेस्टर परीक्षा वाले विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रमोट कर दिए जाएंगे।
पांच कोर्सों में होगी प्रयोगात्मक परीक्षा
कुलपति ने बताया कि परीक्षा समिति ने आर्किटेक्चर, म्यूजिक, फाइन आर्ट, फिजियोथैरेपी, फिजिकल एजूकेशन कोर्सों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने का फैसला लिया है। क्योंकि, इन कोर्सों में प्रयोगात्मक ही काफी महत्वपूर्ण होता है। बाकी, किसी भी विषय की प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं होंगी।
इंजीनियरिंग, एमबीए की परीक्षा करा सकता बीयू
बीयू ने इंजीनियरिंग और एमबीए की परीक्षाओं को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया है। दरअसल, एआईसीटीई ने इन कोर्सों के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट न करने की बात कही है। एकेटीयू में भी सभी वर्षों के विद्यार्थियों की परीक्षा कराई जा रही है। ऐसे में बीयू भी इन कोर्सों के विद्यार्थियों की परीक्षा करा सकता है। हालांकि, कितने पेपर एक साथ कराएं, कितना समय विद्यार्थियों को दें, इस पर फैसला होना बाकी है।