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तमाम तामझाम, नकल माफियाओं के सामने बीयू प्रशासन नाकाम

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झांसी। बुंदेलखंड में गहरी जड़ें रखने वाले नकल माफियाओं के सामने तमाम तामझाम के बावजूद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन तीन साल में दूसरी बार सुचारु रूप से परीक्षा संपन्न कराने में नाकाम साबित हो गया। पेपर आउट हो जाने से केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के दावे भी हवा हो गए। बीयू के सामने बड़ी चुनौती आरोपी के गिरेबां तक पहुंचने की है।
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बुंदेलखंड के सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि नकल विहीन परीक्षा कराई जा सके। इसके अलावा कैंपस में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिससे कॉलेजों की निगरानी की जाए। बताया गया कि तीन-चार दिन के प्रश्नपत्रों को एक साथ नोडल केंद्र पर भेजा जाता है। फिर सुबह परीक्षा केंद्रों पर पेपर भेजे जाते हैं। एक कमेटी के सामने स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में प्रश्नपत्र खोले जाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि इतने तामझाम के बाद भी कैसे पेपर आउट हो गया। यही नहीं, परीक्षा शुरू होने के बाद भी बीयू प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। यदि छात्र को उड़ाका दल के सदस्य नहीं पकड़ते तो शायद ये मामला खुल भी नहीं पाता। ऐसे में बीयू की कमेटियां, कंट्रोल रूम की निगरानी सबको धता बताते हुए नकल माफिया एक बार फिर बड़ा खेल करने की फिराक में थे। काफी हद तक तो वे अपने मंसूबे में कामयाब भी हो गए थे। बस एक छात्र के कबूलनामे ने पूरे खेल से पर्दा उठा दिया। हालांकि, परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि आरोपी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
छात्र बोला-सुबह 6:15 बजे पर आया पेपर
नवाबाद थाने में हिरासत में मौजूद एक छात्र ने बताया कि उसके पास सुबह 6:15 बजे व्हाट्सएप पर पेपर साथी छात्र ने भेज दिया था, जबकि दूसरे छात्र ने बताया कि 6:30 पर पेपर आया। वहीं, एक छात्र बोला कि उसने तो पेपर देखा ही नहीं था। बाद में जब फोन की शिक्षकों ने जांच की तो उन्होंने पेपर खोला, जो 6:45 बजे भेजा गया था।
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