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बीयू : 42 फीसदी बीफार्मा छात्रों की एक ही विषय में लगी बैक, प्रदर्शन

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीफार्मा के 42 फीसदी छात्र-छात्राओं की एनडीडीएस विषय में बैक लग गई। बीयू अधिकारियों से मिलकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। कहा कि एकेटीयू के जरिये ही प्रवेश मिलता है। मगर बीयू स्पेशल बैक के नियम की अनदेखी कर रहा है। बीयू की मनमर्जी से विद्यार्थी परेशान हैं।

बीयू में आठ जनवरी को बीफार्मा के सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं संपन्न हुई हैं। हाल ही में परीक्षा परिणाम जारी हुआ है। नवीन औषधि वितरण प्रणाली (एनडीडीएस) विषय के 114 में 48 विद्यार्थियों की बैक लग गई। इससे नाराज बीफार्मा के छात्रों ने कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात की। छात्रों ने बताया कि किसी की महज एक तो किसी की दो नंबर से बैक लगी है। आरोप लगाया कि तय समय में इस विषय का कोर्स भी पूरा नहीं हुआ। रात आठ-आठ बजे तक ऑनलाइन क्लासेस से पढ़ाई कराई गई। छात्रों ने कहा कि कोर्स में प्रवेश एकेटीयू के माध्यम से ही होता है। एकेटीयू में बीफार्मा के विद्यार्थियों की स्पेशल बैक परीक्षा कराने का प्रावधान है। मगर बीयू में ऐसा नहीं होता है। ये छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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छात्रों ने मांग की कि अप्रैल में आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में बीयू को सातवें सेमेस्टर में लगी बैक के मद्देनजर स्पेशल बैक परीक्षा करवानी चाहिए। इससे उनका एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा। इस मामले में परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर का कहना है कि छात्रों ने बृहस्पतिवार को मिलकर अपनी बात रखी है। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



छात्र बोले - अप्रैल में परीक्षा, फरवरी में शुरू हो पाई पढ़ाई

बीफार्मा के छात्रों ने कहा कि अप्रैल में होने वाली आठवें सेमेस्टर की परीक्षा की पढ़ाई फरवरी में शुरू हो पाई है। कभी परीक्षा ड्यूटी तो कभी मूल्यांकन में शिक्षकों की ड्यूटी लगी रही। अब ढाई से तीन महीने में ही कोर्स पूरा करने का दबाव है। ऐसे में क्या पढ़ाई होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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एक दिन पहले वीडियो भी हुआ था वायरल



बीफार्मा चौथे वर्ष के एक छात्र ने बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। वीडियो में छात्र बोल रहा था कि फार्मेसी विभाग में प्रवेश के नाम पर स्कैम चल रहा है। बीफार्मा में चौथे वर्ष में छात्रों की बैक लगा दी जाती है। ताकि, वो विद्यार्थी बीयू से ही एमफार्मा कर सकें। ऐसे यहां की सीटें भरी जा रही हैं। हालांकि, कुछ घंटों बाद ही छात्र ने वीडियो डिलीट कर दी।
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