झांसी। अभी हाथों में लगी मेहंदी की सुर्खी कम भी नहीं हो पाई थी कि मांग का सिंदूर उजड़ गया। केवल एक दिन के लिए सुहाग का जोड़ा उसके नसीब में आया। एक पल में शादी की खुशियां और विवाहित जीवन के सभी सपने चकनाचूर हो गए। निवाड़ी के ग्राम झिंगोरा के युवक ने शादी के एक दिन बाद ही रविवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मध्य प्रदेश के निवाड़ी के ग्राम झिंगोरा में रहने वाले राधेलाल के छोटे बेटे उमेश प्रजापति (23) की शादी शुक्रवार को दतिया के ग्राम डोलिया में धूमधाम से हुई थी। विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद शनिवार की सुबह वह बारात के साथ अपनी नई नवेली दुल्हन को लेकर अपने घर पहुंचा। पूरा दिन शादी के बाद की परंपराओं को पूरा करने में लग गया। उमेश निवाड़ी में ही एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। अगले दिन रविवार को सुबह तकरीबन 11 बजे उमेश ने घर में बताया कि उसे किसी काम से पेट्रोल पंप जाना है। ये कहकर वह घर से निकल गया। लेकिन, इसके बाद लौटकर नहीं आया। इसी दरम्यान सूचना मिली कि उमेश ने गांव में जहर खा लिया है। जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। परिजन उमेश को लेकर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन यहां उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। इस घटना से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं, जबकि नई दुल्हन अपनी सुधबुध खो बैठी है। जिस घर में ढोलक की थाप पर वैवाहिक गीत गूंजने थे, वहां चीखपुकार मची हुई है। परिजन आत्महत्या का कारण नहीं बता पा रहे है।
मां, अब मैं लौटकर नहीं आऊंगा
झांसी। उमेश सुबह तकरीबन ग्यारह बजे घर से पेट्र्रोल पंप जान की बात कहकर गया था। उसके बाद वह लौैटकर नहीं आया। दो घंटे बाद उसका मां के पास फोन आया था। उसने मां से कहा था कि अब तुम्हारा उमेश कभी लौटकर नहीं आएगा। मैं बहुत दूर जा रहा हूं, अपना ख्याल रखना। मां वती इससे पहले कि कुछ कह पाती उमेश ने फोन काट दिया। इसके बाद उसके जहर खाने की खबर आई।
पूरे परिवार की थी जिम्मेदारी
झांसी। निवाड़ी के ग्राम झिंगोरा के रहने वाले राधेलाल के दो बेटों में उमेश छोटा था। पिता के पास कोई खास काम नहीं है, जबकि बड़ा भाई रवि भी बेरोजगार है। ऐसे में होश संभालते ही उमेश ने घर की जिम्मेदारी संभाल ली थी। पूरे परिवार का भरण - पोषण वहीं करता था। उमेश की पहचान जिंदादिल लोगों में थी। किसी ने भी नहीं सोचा था कि एक दिन आत्महत्या जैसा कदम उठाएगा।
आखिर शादी ही क्यों की?
झांसी। जब आत्महत्या ही करनी थी तो शादी ही क्यों की? एक बच्ची की जिंदगी आखिर क्यों उजाड़ दी। ये कहना रहा ग्रामीणों का। लोग कहते हुए नजर आए कि जब रिश्ता मंजूर नहीं था तो पहले ही मना कर देना चाहिए था। नई नवेली दुल्हन का क्या कुसूर है, जो उसे ये सजा दी। कम से कम लड़की के बारे में तो सोचना ही चाहिए था। ग्रामीण गम के साथ गुस्सा भी प्रकट करते नजर आए।