मोंठ। कोरी समाज द्वारा मृत्युभोज का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल सामाजिक कुरीतियों और आर्थिक दबाव को कम करने में मदद करती है। मृत्युभोज एक ऐसी परंपरा रही है, जो अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बोझ डालती है।
बृहस्पतिवार को काली माता मंदिर के पास कोरी समाज की धर्मशाला में बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति के साथ मृत्युभोज का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने त्रयोदशी में खर्च होने वाली धनराशि से गरीब कन्याओं की शादी, असहाय लोगों की मदद करने का निर्णय लिया। इस मौके पर चंद्रपाल वर्मा पूर्व प्रधानाचार्य, गौतम वर्मा, पंकज वर्मा, सूरज वर्मा पूर्व चेयरमैन, अरविंद वर्मा, कृष्णकांत वर्मा, प्रदीप वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, कमलेश वर्मा, दयासागर वर्मा, रविंद्र वर्मा, बृजलाल वर्मा, जग्गू वर्मा, गजेंद्र वर्मा मौजूद रहे।