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पापा के क्रेडिट कार्ड से खरीद लिए तीन लाख के मोबाइल और ब्रांडेड कपड़े

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झांसी। पापा के क्रेडिट कार्ड से युवक ने तीन लाख के महंगे-महंगे मोबाइल और ब्रांडेड कपड़े खरीद लिए। इसकी जानकारी होते ही पिता के होश उड़ गए। कई दिनों से स्वभाव में बदलाव होने से पिता को बेटा मनोरोगी लगने लगा था। मगर बेहिसाब पैसा खर्च करने के बाद जब वो उसे मनोचिकित्सक के पास ले गए तो पता चला बेटा बाइपोलर मेनिया का शिकार है। इलाज शुरू होने के बाद युवक ठीक हो रहा है।
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बाइपोलर मेनिया का मरीज क्षमता से अधिक खर्च करने लगता है। बात-बात पर शेरों-शायरी या दोस्तों, घरवालों के सामने डींगें हांकना शुरू कर देता है। बेमतलब नई-नई योजनाएं बनाने लगता है। जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन के मुताबिक मनोरोगियों में डिप्रेशन के बाद सबसे ज्यादा यानी 15 फीसदी मरीज तो बाइपोलर मेनिया के ही आते हैं। इसका मरीज बहुत कम सोता है, फिर भी ऊर्जावान रहता है। उसमें जोखिम लेने की क्षमता बढ़ जाती है। वह खुद को बहुत प्रभावशाली समझने लगता है। दिमाग में रासायनिक तत्वों की गड़बड़ी से ये समस्या होती है। शुरूआत में इसका इलाज करा लेने पर बीमारी जल्दी ठीक हो जाती है। मगर इलाज में देर पर मरीज की एक, दो या फिर पांच साल से लेकर जीवन भर दवाएं चलती हैं। कई ऐसे भी मरीज ओपीडी में आए हैं, जो बहुत व्यवहारिक और महिलाओं का सम्मान करने वाले थे लेकिन बीमारी की चपेट में आने के छेड़छाड़ करने लगे। इलाज के बाद जब वो ठीक हुए तो उन्हें अपनी हरकतों के बारे में कुछ याद भी नहीं था। बाइपोलर मेनिया के रोगियों का मूड स्विंग होता रहता है। वो या बहुत खुश होते हैं या अत्यधिक गुस्सा। क्रोधित होने पर मरीज मारपीट से लेकर हत्या तक कर सकते हैं। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने बताया कि इस बीमारी के मरीज एंटी डिप्रेशन की दवाएं खाने लगते हैं तो मर्ज और बढ़ जाता है। इसलिए रोगियों को मनोचिकित्सक के पास ही ले जाना चाहिए।
ये हैं कारण
- आनुवंशिक
- बहुत अधिक तनाव में रहना
- ज्यादा एंटी डिप्रेशन दवाएं खाना
केस-1
मैं उड़ सकता हूं कहकर छत से कूद गया, टूट गए हाथ-पैर
शिवाजी नगर निवासी एक व्यक्ति मैं उड़ सकता हूं बोलते हुए छत से कूद गया। उसके हाथ-पैर टूट गए। परिजन जब उसे जिला अस्पताल में मनोचिकित्सक के पास दिखाने के लिए लेकर आए तो कहने लगा कि उसके पास सुपर पावर है। करीब एक महीने इलाज चलने के बाद अब वह ठीक है।
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केस-2
अस्पताल में बुंदेलखंडी में गाना गाकर नाम बताती, डांस करती
बाइपोलर मेनिया का शिकार 40 वर्षीय महिला मनोचिकित्सक के पास इलाज कराने आती है तो बुंदेलखंडी में गाना गाकर नाम बताती और फिर ओपीडी में रखा कोई भी सामान उठाकर डांस करने लगती। मेज पर तबला बजाना शुरू कर देती। परिजनों ने डॉक्टर को बताया कि वो दिनभर ऐसी हरकतें करती है।
केस-3
अफसर महिला से करने लगा छेड़छाड़, मुकदमा तक हो गया
बुंदेलखंड के एक अफसर को ये बीमारी हुई तो वो एक महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ करने लगे। महिला ने मुकदमा दर्ज करा दिया। पत्नी जब मनोचिकित्सक के पास उन्हें लाई तो पता चला कि अफसर को बाइपोलर मेनिया है। 15 दिन इलाज चलने के बाद वो न सिर्फ ठीक हो गए, बल्कि, पिछले कुछ याद भी नहीं रहा।
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