जिला अस्पताल में किसी कर्मचारी की मदत दर्द ने मिलने के कारण दर्द व सांस लेने में दिक्तत आने से परे?
झांसी। जिले के वृद्ध के दोनों घुटने जवाब दे गए थे। चलने-फिरने तक में वह असमर्थ हो गए। उन्हें आयुष्मान भारत योजना का वरदान मिल गया। मेडिकल कॉलेज में दोनों घुटने का नि:शुल्क प्रत्यारोपण हो गया। सरकारी अस्पताल में इस तरह का पहला मामला है।
आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों खासकर बीपीएल धारक को हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम मुहैया कराना है। योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है। देश भर में योजना के पात्र मरीजों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। मऊरानीपुर के 65 वर्षीय मंटोले के लिए भी यह योजना वरदान साबित हुई है। गठिया की वजह से मंटोले के दोनों घुटने खराब हो गए थे। वह चलने-फिरने असमर्थ हो गए। पैसे नहीं होने के चलते वह प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी नहीं करा पाए। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टरों ने आयुष्मान योजना के कार्ड के बारे में पूछा। योजना के पात्र होने पर पहले एक और फिर दूसरे घुटने का सफल प्रत्यारोपण कर दिया। मरीज का ऑपरेशन करने वाले हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पारस गुप्ता, आचार्य डॉ. अमित सहगल ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पताल में दोनों घुटने का प्रत्यारोपण का यह पहला मामला है। इससे पहले एक-एक कूल्हा और घुटने का प्रत्यारोपण किया जाता रहा है। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। पहले की तरह चल फिर सकता है।