पुलिस पूछताछ में गिरोह के सरगना बृजेंद्र ने कई अहम राज उगले हैं। बृजेंद्र ने झांसी के कई बिल्डर, कारोबारियों के नाम भी बताए। इनके पास उसकी आईडी है। यह लोग लाखों रुपये के क्वाइन लेते थे। इस आधार पर पुलिस आगे की पड़ताल में जुटी है।
16.28 करोड़ के क्वाइन मिलने के बाद पुलिस के भी कान खड़े हो गए। पुलिस अब बृजेंद्र राजपूत के नीचे काम करने वाले छह सटोरियों को तलाश रही है। पुलिस को इन सभी छह सटोरियों के मोबाइल नंबर मिले हैं। इनकी लोकेशन मऊरानीपुर, आगरा, भोपाल एवं कानपुर में मिली है। पुलिस को मालूम चला कि सटोरिये छात्र-छात्राओं को भी आईडी बेचकर उनसे आईपीएल में सट्टा लगवाते थे।
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अन्य सटोरियों को तलाश रही पुलिस
प्रेमनगर पुलिस ने रविवार को गिरोह के सरगना बृजेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने कई अहम राज उगले। बृजेंद्र ने झांसी के कई बिल्डर, कारोबारियों के नाम भी बताए। इनके पास उसकी आईडी है। यह लोग लाखों रुपये के क्वाइन लेते थे। इस आधार पर पुलिस आगे की पड़ताल में जुटी है। सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। सर्विलांस टीम मोबाइल नंबरों के आधार पर अन्य सटोरियों को तलाश रही है।
छात्र-छात्राओं ने भी लगा रखा है पैसा
पुलिस को आशंका है कि सट्टेबाजी का बड़ा रैकेट झांसी से चल रहा है। पूछताछ के दौरान पुलिस को मालूम चला कि बृजेंद्र अधिकांश युवाओं को एजेंट बनाता था। कॉलेज जाने वाले लड़के-लड़कियां भी पैसे लगाते थे। छात्राओं की संख्या भी अच्छी खासी है। अधिकांश छात्राएं नियमित अंतराल पर आईडी से पैसे लगा रही थीं। कई लाख रुपये इन छात्राओं ने लगाया हुआ है। थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय के मुताबिक मोबाइल नंबर के सहारे अन्य युवकों की तलाश की जा रही है।