झांसी। रेलवे स्टेशन के नाम में फिर से झांसी जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। रानी लक्ष्मीबाई पार्क में बुधवार को हुई सर्वदलीय बैठक में भाजपा नेता ने कहा कि स्टेशन के नाम में झांसी जोड़ने के लिए रेल और गृह मंत्रालय के बीच वार्ता शुरू हो गई है। जबकि, विपक्ष आंदोलन की तैयारी में है।
झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई किए जाने के बाद से झांसी की सियासत गर्माई हुई है। बुधवार को रानी लक्ष्मीबाई पार्क में दोपहर तीन बजे सर्व दलीय बैठक हुई। इसमें कांग्रेस नेता प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि इस आंदोलन में पूरी जनता साथ में है। आवाज दिल्ली तक पहुंचानी है। ऐसे में ट्रेन रोकेंगे और बाजार बंद कराएंगे।
जबकि, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रदीप सरावगी ने कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने रेल मंत्री से बात की है। रेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। जल्द ही स्टेशन के नाम में झांसी जुड़ेगा। वहीं, जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव प्रणय श्रीवास्तव ने कहा कि जल्दबाजी में स्टेशन का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है। इसको जल्द सुधारना चाहिए। नाम न बदला गया तो अधिवक्ता कार्य बहिष्कार करेंगे। बसपा के पूर्व विधायक कैलाश साहू ने कहा कि पहले जनप्रतिनिधियों का घेराव कर अपनी बात रखनी चाहिए। रिटायर्ड डीएसपी एके हिंगवासिया ने कहा कि रानी और झांसी एक दूसरे के पूरक हैं। स्टेशन से झांसी का नाम हटने नहीं देंगे। दिनेश भार्गव ने कहा कि नाम न बदला गया तो आंदोलन होगा। इस दौरान नगर धर्माचार्य हरिओम पाठक, ज्ञानी महेंद्र सिंह, लल्लन महाराज, राजीव राय, रवीश त्रिपाठी, बीएल भास्कर, नितिन सिंघल, विकास राय, देव सिंह, जावेद खान, वीपी सोनी, सतपाल सिंह, राहुल रिछारिया, मुकेश अग्रवाल, पीयूष नायक, संदीप सरावगी, अपर्णा दुबे, नीता अग्रवाल, यूथुप जैन, राजेंद्र रेजा, विवेक बाजपेयी मौजूद रहे।
संगठनों ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
स्टेशन के नाम में झांसी जोड़ने की मांग को लेकर बुधवार को कई संगठनों ने डीआरएम से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल आयोजित बैठक में रेलवे स्टेशन के साथ ही झांसी का नाम भी जोड़े जाने की मांग की गई। बैठक में जय किशन, शैलेंद्र साहू, तरुण साहू, हसीब अहमद, राम साहू, प्रवीण शर्मा, आशीष साहू, संकल्प मौजूद रहे। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्टेशन का नाम में झांसी नाम को जोड़ा जाए। इस मौके पर शफीक बख्श, राजकुमार राव, रशिद खान आदि मौजूद रहे। भारतीय एकता सद्भावना मिशन के सदस्यों ने डीआरएम से मुलाकात की। इस मौके पर माबूद अली, ललित कोरी, अशोक कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्टेशन का नाम बदले जाने से खफा सरदार चरण सिंह खालसा ने कहा कि झांसी बुंदेलखंड की जान है। जो झांसी के नाम को मिटाएगा वह खुद ही मिट जाएगा।