झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई है। बहुमत के लिए तेरह सदस्यों की दरकार है, जबकि भाजपा के नौ सदस्य ही जीतकर आए हैं। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी करने के वालों के सामने शर्त रख दी गई है कि जो दावेदार बाहर के चार सदस्यों का समर्थन हासिल कर लेगा, उसे टिकट थमा दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव के पिछले मुकाबले से इस चुनाव में भाजपा को लाभ तो हुआ, परंतु तमाम अनुकूल परिस्थितियों के बाद भी उम्मीद के मुताबिक सफलता हासिल नहीं हो पाई। जबकि, भाजपा ने जिला पंचायत की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। वहीं, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं उतार सकीं थीं। भाजपा के 24 प्रत्याशियों में से महज नौ ही जिला पंचायत के सदन में पहुंचने में कामयाब हुए।
अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा को चार और सदस्यों के समर्थन की दरकार है। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही भाजपा के अनुसूचित जाति के सदस्यों में अध्यक्ष पद का टिकट हासिल करने की होड़ लग गई थी। स्थानीय स्तर पर नाम तय न हो पाने की वजह से जिला इकाई ने गेंद प्रदेश नेतृत्व के पाले में फेंक दी थी। दावेदारों ने लखनऊ दौड़ लगाना शुरू कर दी थी। लेकिन, पार्टी नेतृत्व किसी भी प्रकार का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हर हाल में भाजपा की प्राथमिकता अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाना है। ऐसेे में दावेदारों से कह दिया गया है कि पहले वे बाहर के चार सदस्यों का समर्थन हासिल करें। उन्हें अपने साथ लेकर लखनऊ आएं, इसके बाद ही टिकट तय किया जाएगा। अब दावेदार बाहर के सदस्यों पर डोरे डालने में जुटे हुए हैं। इसमें उन्हें पार्टी का सहयोग भी मिल रहा है। पार्टी का एक बड़ा तबका समर्थन जुटाने में जुट गया है।
भले ही भाजपा के नौ जिला पंचायत सदस्य हैं, परंतु पार्टी को कई निर्दलीय व अन्य दलों के सदस्यों का समर्थन हासिल हो चुका है। भाजपा आसानी से अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बना लेगी। टिकट उसे ही दिया जाएगा, जो सदन में पूर्ण बहुमत साबित कर सकेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट प्रदेश नेतृत्व को तय करना है।
- मुकेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा