झांसी। भारत सरकार की नवरत्न कंपनियों में से एक भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की झांसी इकाई देश में अपनी एक अलग पहचान रखती है। 48 साल पहले विद्युत ट्रांसफार्मर के उत्पादन से शुरू हुआ सफर अत्याधुनिक लोकोमोटिव के निर्माण तक पहुंच गया है। ग्यारह सौ से अधिक से कर्मचारियों के परिवार के साथ बीएचईएल अपने उत्पादन की गुणवत्ता विश्वस्तरीय बनाए हुए है।
झांसी में बीएचईएल की इकाई की आधारशिला नौ जनवरी 1974 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। दो साल बाद 1976 में यहां उत्पादन शुरू हो गया था। शुरुआत में यहां बिजली ट्रांसफार्मर बनाने का काम हुआ था और यूनिट ने एक साल में लगभग 45 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। उस समय यहां महज सौ कर्मचारी ही तैनात थे। 1984 में बीएचईएल की झांसी इकाई का विस्तार हुआ। प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने यहां लोकोमोटिव निर्माण की आधारशिला रखी। बीएचईएल द्वारा ट्रांसफार्मर के साथ-साथ अत्याधुनिक लोकोमोटिव का निर्माण भी किया जा रहा है। बीएचईएल की झांसी इकाई में ग्यारह सौ से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। पिछले साल इसका टर्नओवर बारह सौ करोड़ रुपये रहा था।