झांसी। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे भारत गौरव ट्रेन चलाएगा। इस ट्रेन का संचालन प्रमुख टूरिस्ट सर्किट और पर्यटन क्षेत्रों के लिए होगा। ट्रेन का संचालन प्राइवेट सर्विस एजेंसी के जरिए कराया जाएगा। रेलवे ने इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही प्राइवेट सर्विस एजेंसी और फर्मों से आवेदन मांगे गए हैं।
भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे आईआरसीटीसी के जरिए विशेष ट्रेनों का संचालन कराता है। मगर अब रेलवे निजी प्राइवेट सर्विस एजेंसी को भी इसमें शामिल करने जा रहा है। भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत पर्यटकों को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी। यह ट्रेन थीम आधारित होगी। जिसमें पर्यटकों को विशेष टूर पैकेज दिए जाएंगे। मगर रेलवे इस पूरी व्यवस्था को प्राइवेट सर्विस एजेंसी के जरिए संचालित कराएगा। एजेंसी ही पर्यटकों की संख्या और रुचि के हिसाब से ट्रेन आने और जाने का स्थान तय करेंगे। इसके साथ ही पर्यटकों को रेल यात्रा, होटल विश्राम, ऐतिहासिक, विरासत स्थलों का भ्रमण, टूर गाइड सभी सुविधाएं मुहैया करानी होंगीं। पर्यटकों से टूर पैकेज का शुल्क निर्धारण भी एजेंसी को करना होगा। वहीं कोच के अंदर डिजाइन और साज-सज्जा, ट्रेन के भीतर और बाहर दोनों जगह ब्रांडिंग और विज्ञापन भी लगा सकेंगे। इस ट्रेन में दो एसएलआर समेत 14 से 20 कोच शामिल होंगे। रेलवे ने ट्रेन के संचालन के लिए प्राइवेट सर्विस एजेंसी और फर्मों से आवेदन मांगे हैं।
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एक लाख रुपये में होगा पंजीकरण
प्राइवेट सर्विस एजेंसी और फर्म को योजना के लिए एक लाख रुपये में पंजीकरण कराना होगा। सभी पात्र आवेदकों को कोचों का आवंटन उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा। फर्म को रैक सिक्योरिटी के तौर पर एक करोड़ रुपये प्रति रैक देने होंगे। सर्विस एजेंसी और फर्म को सहायता देने के लिए उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय प्रयागराज में वरिष्ठ अफ सरों की समिति और ग्राहक सेवा यूनिट बनाई गई है।
भारत गौरव ट्रेन योजना से पर्यटक आसानी से देश के विभिन्न पर्यटक स्थलों की सैर कर सकेंगे। यह ट्रेन सेवा प्रदाता के जरिए संचालित कराई जाएगी। इसके लिए पंजीकरण शुरू हो गए हैं।
डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज