अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तीन दिन से उफनाई बेतवा की रफ्तार में शुक्रवार को कमी आई। अभी तक राजघाट, माताटीला बांध से साढ़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा था। बेतवा के बहाव में कमी आने से शुक्रवार शाम तक 53 हजार क्यूसेक पानी ही माताटीला से छोड़ा जा रहा था। बहाव में नरमी आने से बांध के 22 में सात गेट बंद कर दिए गए। अब चार फीट ऊंचाई पर 15 गेट खोलकर पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, हालांकि सामान्य के मुकाबले यह पानी अभी भी अधिक है।
इस वजह से पारीछा एवं सुकुवां-ढुकुवां में तेज बहाव रहा। शुक्रवार को सुकुवां-ढुकुवां से 64 हजार क्यूसेक, जबकि पारीछा से 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिशासी अभियंता पंकज सिंह के मुताबिक पानी में बहाव कम होने के बावजूद अगले एक सप्ताह तक बेतवा में रफ्तार बनी रहेगी। भोपाल समेत बेतवा नदी के कैचमेंट इलाके में बारिश होने पर बहाव में तेजी आ सकती है। इसको देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। बुंदेलखंड के बांधों से छोड़ा जा रहा पानी कुछ दिनों में ही यमुना के जरिये प्रयागराज में पहुंचकर रौद्र रूप दिखाएगा।
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बेतवा किनारे के गांवों में कराई गई मुनादी
बेतवा नदी में लगातार हो रहे बहाव को देखते हुए उसके किनारे बसे गांवों में सुरक्षा को लेकर मुनादी कराई गई। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी के मुताबिक ग्राम प्रधान, ग्राम निगरानी समिति, लेखपाल, सचिव सहित अन्य सभी पक्षों को सतर्क कर दिया गया है। नदी के जल स्तर पर निरंतर नजर रखी जा रही है। नदी के किनारे बनाए गए गो-आश्रय स्थलों पर खास तौर से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे गांव में गोताखोर एवं नाव की व्यवस्था भी कराने को कहा है। टापू जैसे स्थानों पर जाने को लेकर सचेत रहने को कहा है।