झांसी। करीब 38 वर्ष पहले शुरू हुई चौधरी चरण सिंह लखेरी बांध परियोजना का लाभ अब किसानों को मिल सकेगा। शनिवार को लखेरी नहर खोल दी गई। इसके जरिए इस बार रबी सीजन में करीब 12 सौ हेक्टेयर खेती की जमीन की सिंचाई होगी।
गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत एवं मऊरानीपुर विधायक बिहारीलाल आर्या की मौजूदगी में नहर खोली गई। 30.20 किमी लंबी नहर से महेवा, किशोरपुरा, रेवन, बुढाई, बछेरा, गढ्ढवा, पुरा, देवरा, विक्रमपुरा, कुटौरा, छिनौरा, कछियामऊ, पसौरा, गढ़ा, लहचूरा तक सिंचाई की जा सकेगी। पूरी क्षमता पर चलने की स्थिति में रबी सीजन में 3168 हेक्टेयर, जबकि खरीफ में 1188 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। एक्सईएन सिद्धार्थ सिंह के मुताबिक बांध इतना भर चुका, जिससे सिंचाई हो सके। इसे देखते हुए अभी महेवा, बगरौनी जागीर, देवरा खुर्द, कछियामऊ, कुटौरा एवं विक्रमपुरा के लिए पानी छोड़ा गया है। शेष गांवों के लिए भी अगले चरण से पानी छोड़ा जाएगा। अभी रबी सीजन में 12 सौ हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।
विवादों से रहा नाता
वर्ष 1982 से लखेरी बांध विवादों में घिरा रहा। करीब 21 साल बाद वर्ष 2003 में इसका निर्माण शुरू हुआ। कुल 114.58 करोड़ की लागत से सात साल बाद डैम बनकर तैयार हुआ, लेकिन पुनर्वास मामले का निपटारा न होने से बांध भरा नहीं जा सका। तमाम कोशिशों के बाद पिछले वर्ष पुनर्वास मामला कुछ हद तक निपट सका। इसके बाद इस मानसून में पहली दफा बांध को करीब 182.05 फुट तक भरा गया। हालांकि, अभी भी बुढ़ाई गांव में विस्थापन का मामला विवादों में है। इस वजह से बांध पूरी क्षमता से नहीं भरा जा सका है।