अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम के अतिक्रमण रोधी दस्ते द्वारा सब्जियों पर बुलडोजर चलाने की घटना का सत्ता हो या विपक्ष, सभी ने एक सुर में रोष जताया है। अतिक्रमण रोधी दस्ता पर कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की।
सदर विधायक रवि शर्मा ने इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। कहा कि सब्जी विक्रेता अत्यंत निर्धन हैं। अधिकांश विक्रेता महिलाएं हैं। दस्ता प्रभारी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। सब्जियों पर जेसीबी चलवाई गईं। उन्होंने दस्ता प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने नगर आयुक्त से मुलाकात की। अतिक्रमण रोधी दस्ता की कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया। पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान मनीराम कुशवाहा, योगेंद्र सिंह पारीछा, सुलेमान अहमद मंसूरी, नीता अग्रवाल, शंभू सेन, भरत राय, अखिलेश गुरुदेव, अमीर चंद आर्य मौजूद रहे।
इसके अलावा राष्ट्रभक्त संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया भी नगर आयुक्त से मिले। कहा कि बड़े दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण करने पर अतिक्रमण रोधी दस्ते द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है। मगर सब्जी विक्रेताओं की सब्जी पर बुलडोजर चलवा दिया। उन्होंने भी कार्रवाई की मांगी। इस दौरान मोनू, अर्पित, दीपक, अजय, सोनू, राहुल, विष्णु मौजूद रहे।
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फोटो सहित (सैंपल कॉपी)
दलों की अपनी-अपनी राय
सीएम योगी आदित्यनाथ की जन नीतियों का मुख्य उद्देश्य गरीब जनता और दीन-दुखियों की मदद करना है। नगर निगम की टीम द्वारा सब्जियों पर बुलडोजर चलाना निंदनीय है। इस मामले में कठोर कार्रवाई हो। - सुधीर गौर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा किसान मोर्चा।
नगर निगम के कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। गरीब आदमी की सब्जी पर बुलडोजर चलाना अमानवीय कृत्य है। लगता है कि बुलडोजर बेकाबू हो गया है, जो अब अपराधियों की बजाय गरीब के पेट पर चल रहा है। गरीब की आह का असर आगे दिखाई देगा। - रोहित सिंह पारीछा, सपा नेता।
ये बुलडोजर नगर निगम का नहीं, बल्कि सरकार का है। झांसी ही नहीं पूरे प्रदेश में किसी की सुनवाई नहीं होती है। सीपरी बाजार में सब्जियों को बुलडोजर से कुचला गया, उनके विक्रेताओं को सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए। - सलमान पारीछा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सपा यूथ ब्रिगेड।
सरकार की बुलडोजर मानसिकता इतनी अनियंत्रित हो गई है कि अब वह साधारण जनमानस और अपराधियों में अंतर करना भूल गई है। यह सरकार के घमंड के अंत का चरम समय है। इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। - सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष, यूथ ब्रिगेड समाजवादी पार्टी।