झांसी। अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत बुधवार को हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों ने नवाबाद थाने पहुंचकर पुलिस के कामकाज के तरीके को करीब से देखा। प्रशिक्षुओं ने साइबर अपराध से बचाव को लेकर सवाल पूछे। यहां मौजूद पुलिस अफसरों ने उनको समझाते हुए कहा कि सोशल मीडिया अपराध का जरिया बन रहा है, इसलिए सोशल मीडिया पर सोच-समझकर दोस्ती करनी चाहिए।
कहा, कठिन परिस्थितियों में सबसे पहले मदद के लिए पुलिस आती है। ऐसे में सहायता के लिए पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। मुसीबत में फंसने पर सबसे पहले डायल-112 की मदद ले सकते हैं।नवाबाद थाना प्रभारी संतोष अवस्थी ने संस्कृत के श्लोक के माध्यम से प्रशिक्षु खिलाड़ियों को अच्छे एवं बुरे की पहचान करने के बारे में बताया। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया भी बताई। इस दौरान महिला सिपाहियों ने सरकार के मिशन शक्ति के तहत चल रहे अभियान के बारे में बताया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं ने थाने का भ्रमण किया। सबसे पहले थाने का हवालात देखा। इसके साथ उनको कंप्यूटर रूम, कार्यालय थानाध्यक्ष कार्यालय, शास्त्रागार एवं मालखाने को देखा। आखिरी में थाना प्रभारी संतोष अवस्थी ने प्रश्नों के जवाब दिए।
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इस दौरान क्रीडा अधिकारी राजेश सोनकर, उपक्रीडाधिकारी सुनील कुमार, हॉकी प्रशिक्षक विकास पाल, रविंद्र सिंह, अंकुर राणा समेत अन्य मौजूद रहे।