रविवार को गल्ला व्यापार मंडल और बुंदेलखंड व्यापार संघ द्वारा आयोजित व्यापारी प्रतिनिधि सम्मेलन में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए व्यापारियों से एक होने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में झांसी के अलावा महोबा, ललितपुर, उरई, हमीरपुर, बांदा, राठ, कालपी और अन्य कस्बों की 52 मंडियों के व्यापारी नेताओं ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद श्याम बिहारी मिश्र ने व्यापारियों में जोश भरते हुए कहा कि जहाजों को जो डुबा दे उसको तूफान कहते हैं, तूफान को जो दबा दें उसे व्यापारी कहते हैं। मंदिर, मस्जिद, अस्पताल, स्कूल बनवाने वाले व्यापारी ही होते हैं। मगर, व्यापारी सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार का शिकार हैं। बिहार, दिल्ली और झारखंड की तरह यूपी में भी मंडी शुल्क समाप्त होना चाहिए। क्योंकि, मंडी शुल्क के नाम पर पैसा खजाने में जमा होने की जगह अधिकारियों की जेब में ज्यादा जाता है। मंडी से जुड़े अधिकारियों के घर छापा डालकर उनकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
जल्द ही वह मुख्यमंत्री से मिलकर व्यापारियों की समस्याओं को रखेंगे और और कुछ न कुछ आदेश कराके ही हटेंगे।
बांदा - चित्रकूट के सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने कहा कि व्यापारियों के हित में केंद्र सरकार जल्द नया मंडी अधिनियम लाने जा रही है। विधायक रवि शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को व्यापारियों पर हावी नहीं होने दिया जाएगा। दुकान आवंटन मंडी शुल्क श्रेष्ठता के आधार पर हो। इसके लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समाधान निकाला जाएगा। बुंदेलखंड प्रभारी राजीव राय ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा। मुख्य संरक्षक ठाकुर प्रताप सिंह राठौर ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी चरम सीमा पर है।
अध्यक्षता कर रहे बुंदेलखंड गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष महेश चंद्र राय ने कहा कि पूर्व में मंडी शुल्क 25 पैसे था, अब ढाई रुपये वसूला जा रहा है। गल्ला मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने कहा कि विशिष्ट गल्ला मंडी भोजला में दुकान आवंटन को लेकर हो रहे भ्र्रष्टाचार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दुकान के बदले दुकान मिलना चाहिए। ललितपुर से महेंद्र जैन मयूर ने कहा कि कृषि उपज की खरीद व्यापारियों के माध्यम से कराई जानी चाहिए। संचालन पूर्व महामंत्री संजीव कुमार गुप्ता और आभार महामंत्री प्रमोद अग्रवाल ने व्यक्त किया।