झांसी। मंडल की प्रभारी मंत्री बेबीरानी मौर्य ने सर्किट हाउस में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी की जाए। इसके अलावा नारी शक्ति मिशन को प्राथमिकता पर रखते हुए काम किया जाए। बैठक में ही मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बंटने वाली दाल और दलिया मंगाकर उसकी गुणवत्ता की भी जांच की, जो कि उन्हें ठीक मिला।
समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने मंत्री को योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। निराश्रित महिला पेंशन योजना के बारे में बताया कि पिछले साल 34661 महिलाओं को 10.39 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री बाल सेेवा योजना के तहत 394 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 351 बालक, बालिकाओं को 1.06 करोड़ की राशि दी गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के तहत प्राप्त 285 आवेदनों में से 126 बालक, बालिकाओं को 17.60 लाख दिए गए। अन्य योजनाओं के बारे में भी मंत्री को जानकारी दी गई।
बताया कि वन स्टॉप सेंटर भवन के निर्माण के लिए भूमि का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। धनराशि आवंटित होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। मौजूदा समय में वन स्टॉप सेंटर मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर तीन के पास पुराने हॉस्टल में अस्थाई रूप से चल रहा है। डीपीओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि बाल विकास एवं पुष्टाहार योजना के तहत जिले में 1379 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इनके जरिए 1,29,885 लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूह के जरिए दलिया, चना, दाल आदि का वितरण किया जा रहा है। इस दौरान उप निदेशक महिला कल्याण श्रवण कुमार गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह, सीडीपीओ मोंठ दिनेश राजपूत, सीडीपीओ मऊरानीपुर देवेंद्र निरंजन, प्रेमलता गुप्ता, शशि सक्सेना, पूर्णिमा श्रीवास्तव, पुष्पा सक्सेना मौजूद रहीं।