अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बृहस्पतिवार को आजाद समाज पार्टी की गरौठा विधानसभा इकाई के अध्यक्ष धर्मेंद्र वाल्मीकि ने खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। पुलिस की टीमें 12 घंटे तक उसकी तलाश में जुटीं रहीं। शाम को उसे बांदा से बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि वह अपने पिता से पांच लाख रुपये ऐंठना चाहता था, जिसके चलते उसने अपहरण की साजिश रची थी।
मोंठ के मोहल्ला बड़ापुरा निवासी कोटेदार सतीश कुमार वाल्मीकि ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका पुत्र धर्मेंद्र कुमार वाल्मीकि बृहस्पतिवार की सुबह करीब 5:30 बजे प्रतिदिन की भांति टहलने गया था, लेकिन वह लौटकर घर नहीं आया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके छोटे पुत्र शिवम के व्हाट्सएप पर धर्मेंद्र के मोबाइल नंबर से फिरौती की मांग का मेसेज आया। धर्मेंद्र की रिहाई के बदले पांच लाख रुपए की मांग की गई थी। पिता की सूचना पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर थाना पुलिस की टीम, स्वॉट टीम व सर्विलांस टीम ने धर्मेंद्र की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीमों ने संभावित स्थलों पर दबिश देना शुरू कर दी। आसपास के जनपदों को भी सूचना दे दी गई। शाम को उसके बांदा में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि धर्मेंद्र ने खुद अपने अपहरण की साजिश रची थी।
एसपी ग्रामीण गोपीनाथ सोनी ने बताया कि मोंठ पुलिस ने मशक्कत के बाद धर्मेंद्र वाल्मीकि को 12 घंटे के भीतर बरामद कर लिया। पड़ताल में सामने आया कि धर्मेंद्र ने अपने अपहरण की मनगढ़ंत और झूठी कहानी बनाई थी। उसने मंगल कुशवाह नामक व्यक्ति से दो वर्ष पूर्व एक मकान का एग्रीमेंट कराया था, जिसकी मियाद पूरी होने वाली थी। इसके लिए वह परिजन से पांच लाख रुपए ऐंठना चाहता था, जिसके चलते उसने अपने छोटे भाई के मोबाइल पर फिरौती का मेसेज किया था। उन्होंने कहा कि मामले की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।