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अब ब्लैक फंगस के इलाज का इंजेक्शन खत्म

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बड़ा संकट : अब ब्लैक फंगस के इलाज का इंजेक्शन खत्म
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झांसी। कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस मरीजों पर कहर बरपा रहा है। पहले रेमडेसिविर इंजेक्शन का टोटा था मगर अब ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी एंटी फंगल इंजेक्शन महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में खत्म हो गए हैं। कॉलेज प्रशासन की तरफ से इंजेक्शन की मांग भेजी गई है।
झांसी में पिछले दो सप्ताह में ब्लैक फंगस के 13 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से चार मरीजों का मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन भी किया जा चुका है। एक मरीज की जान बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के डॉक्टरों को सर्जरी कर आंख तक निकालनी पड़ गई। ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज में एंटी फंगल एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। शासन की तरफ से मेडिकल कॉलेज को 50 इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे। इसमें से पांच इंजेक्शन जरूरत पड़ने पर उरई मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए। बाकी, बचे हुए सभी 45 इंजेक्शन ब्लैक फंगस के मरीजों को लगा दिए गए। विशेषज्ञों के मुताबिक एक मरीज को रोजाना चार एंटी फंगल इंजेक्शन लगते हैं। ये इंजेक्शन लगातार 20 दिनों तक लगाए जाते हैं। ऐसे में एक मरीज को तीन सप्ताह में लगभग 80 इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को एक मरीज के लिए जरूरी इंजेक्शन भी नहीं मिल पाए। इसलिए किसी को दो तो किसी मरीज को तीन इंजेक्शन ही लग सके।
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वर्जन..
मेडिकल कॉलेज में आने वाले ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों को हर संभव इलाज दिया जा रहा है। एंटी फंगल इंजेक्शन भी मरीजों को लगाए गए हैं। इंजेक्शन की मांग भी भेजी गई है। जल्द इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है। - डॉ. रामबाबू, क्रिटिकल केयर इंचार्ज, मेडिकल कॉलेज।
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