झांसी में शुक्रवार रात नवाबाद थाना क्षेत्र की बजरंग कॉलोनी में यूपी पुलिस के सिपाही और उसके भाई ने मिलकर पीआरवी की गाड़ी फूंक दी और पुलिस टीम के ऊपर फायर किया। पुलिस ने घेरकर सिपाही को पकड़ लिया, जबकि मुठभेड़ में उसका भाई पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बृहस्पतिवार को देर रात रिटायर्ड दरोगा के सिपाही बेटे ने अपने भाई के साथ मिलकर दुस्साहसिक वारदात करते हुए पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। सिपाही ने भाई के साथ मिलकर वहां पहुंचे दरोगा को जमीन पर पटक दिया और उसकी वर्दी फाड़ डाली। उनको पकड़ने की कोशिश करने पर दोनों भाई पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे।
विज्ञापन
फायरिंग होने से पुलिस टीम को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। दोनों भाईयों ने घर के बाहर खड़ी पीआरवी पुलिस की इनोवा गाड़ी फूंक दी। सूचना पर एसएसपी राजेश एस भारी पुलिस फोर्स को लेकर मौके पर जा पहुंचे। पुलिस ने सिपाही को घेरकर पकड़ लिया, जबकि उसका भाई पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद महोबा की एसपी ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।
महोबा के कबरई थाने में तैनात हेड मोहर्रिर सुरेंद्र यादव का परिवार नवाबाद थाना क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के पीछे पिछोर मोहल्ले में रहता है, जबकि उनका भाई योगेंद्र घर के पिछले हिस्से में परिवार के साथ रहता है। सुरेंद्र और योगेंद्र रिटायर्ड दरोगा यशवंत के बेटे हैं। सुरेंद्र दस दिन की छुट्टी लेकर बृहस्पतिवार को घर आया था।
विज्ञापन
परिजनों के मुताबिक दोनों भाईयों में मकान को लेकर विवाद है। बृहस्पतिवार रात सुरेंद्र ने इनवर्टर से बल्ब का कनेक्शन काट दिया। इसी पर दोनों में विवाद होने लगा। झगड़ा बढ़ने पर सुरेंद्र ने पीआरवी बुला ली। पीआरवी कर्मियों ने दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों शांत नहीं हुए। विवाद बढ़ने पर बजरंग चौकी प्रभारी सत्य राय रात करीब 12.10 बजे वहां पहुंचे। पीआरवी कर्मी दोनों को थाने ले जाने लगे।
यह बात दोनों भाईयों को नागवार गुजरी। चौकी इंचार्ज सत्य राय ने जब योगेंद्र को पकड़ना चाहा तब दोनों भाईयों ने मिलकर सत्य राय को उठाकर पटक दिया। उसकी वर्दी फाड़ दी। योगेंद्र अपने भाई सुरेंद्र की 315 बोर की लाइसेंसी राइफल उठा लाया। राइफल लेकर दोनों छत पर जा चढ़े। वहां से तीन राउंड फायर किये।
फायरिंग होते ही पीआरवीकर्मियों में भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों ने इधर-उधर छुपकर अपनी जान बचाई। मोहल्ले में भी दहशत फैल गई। इसके बाद दोनों भाई नीचे आए। राइफल की बट मारकर पीआरवी इनोवा के शीशे तोड़ डाले। इसके बाद उसमें पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। फायरिंग और आगजनी की घटना देख आसपास के लोग अपने घरों में जा दुबके।
उधर, चौकी इंचार्ज सत्य राय ने आला पुलिस अफसरों को घटना की जानकारी दी। पुलिस अफसरों में भी खलबली मच गई। तुरंत एसएसपी राजेश एस भारी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। दोनों भाई घर के पीछे की झाड़ियों की ओर भाग निकले। पुलिस ने किसी तरह घेरकर सिपाही सुरेंद्र को पकड़ लिया, जबकि योगेंद्र राइफल समेत मेडिकल कॉलेज के पीछे जंगल की ओर भाग निकला। यहां स्वॉट टीम ने योगेंद्र को घेर लिया।
योगेंद्र ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायर किए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में योगेंद्र के पांव में गोली जा लगी। एसएसपी राजेश एस के मुताबिक घायल योगेंद्र को मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया है। उसके पास से राइफल बरामद कर ली गई है। दोनों के खिलाफ नवाबाद थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सुरेंद्र को लिखा-पढ़ी के बाद जेल भेज दिया गया है। इस बीच महोबा की एसपी अपर्णा गुप्ता ने झांसी में सिपाही के उपद्रव की जानकारी मिलने के बाद हेड मोहर्रिर सुरेंद्र यादव को निलंबित की दिया है।
कुछ दिनों में बनना था दरोगा, अब लटकी बर्खास्तगी की तलवार
हेड मुहर्रिर सुरेंद्र यादव का कुछ दिनों में प्रमोशन तय था। उनको हेड मुहर्रिर से दरोगा बनना था। विभागीय प्रक्रिया करीब पूरी हो गई है। अगले माह ही आदेश जारी होना था, लेकिन इसके पहले ही वह ऐसे गंभीर मामले में उलझ गया कि अब उसके ऊपर सेवा से ही बर्खास्तगी की तलवार लटक गई। पुलिस टीम पर हमला करने, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने समेत सुरेंद्र यादव के खिलाफ नवाबाद थाने में दो अलग-अलग नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एसएसपी राजेश एस की संस्तुति पर आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया। वहीं, डीआईजी कलानिधि नैथानी ने भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी करने के लिए विभागीय जांच समेत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीआईजी ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर उसकी भरपाई भी आरोपियों से करवाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर सिपाही को बर्खास्त भी किया जा सकता है। जिस राइफल से फायरिंग की गई उसका लाइसेंस ललितपुर से बनवाया गया था। इसका लाइसेंस भी निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू की गई है।