झांसी। अटल भूजल योजना के अंतर्गत मंडल के 48 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में सामुदायिक भागीदारी से वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ग्रामीणों से बात कर गांव में जरूरत के हिसाब से भूजल स्तर कैसे बढ़े, इसकी कार्ययोजना तैयार होगी। चयनित गांवों में मऊरानीपुर ब्लाक के 16, बबीना के 15 और ललितपुर के तालबेहट ब्लाक के 17 गांव शामिल हैं।
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अटल भूजल योजना का उद्देश्य भूजल स्तर को बढ़ाना है। योजना के अंतर्गत जन सहभागिता से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उसी आधार पर काम होगा। मऊरानीपुर, बबीना और तालबेहट ब्लाक सेमी क्रिटिकल श्रेणी में आते हैं। यानी, इन ब्लाकों में भूजल स्तर की स्थिति काफी गंभीर है। योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है।
पिछले दिनों कर्मचारियों की ट्रेनिंग होने के बाद अब स्वयंसेवी संगठनों का चयन किया जाएगा। जिन गांवों में योजना को लागू किया गया है, उनमें मऊरानीपुर ब्लाक के ग्राम बरौरा, खंदरका, सिजारी खुर्द, लारौनी, मदवान, घाट लहचूरा, बम्हौरी, तिलैथा, चकारा, रोरा, भटपुरा, नयागांव, खरकामाफ, सितौरा, बुखारा और भदरवारा शामिल हैं। बबीना ब्लाक के ग्राम अमरपुर, बबीना ग्रामीण, बघौरा, बमेर, बड़ौरा, डगरवाहा, ढिकौली, घिसौली, गुओली, खारी, मनकुआं, पृथ्वीपुरनायक, पुनावलीकलां, सिमरिया और सुकवां शामिल हैं। ललितपुर जिले के तालबेहट ब्लाक में असऊपुरा, बरमा विहार, बिरधा, चुनगी, गेवरागुंदेरा, जमालपुर, झरर, झावर, कड़ेसराकलां, कंधारी कलां, कंधारी खुर्द, नत्थीखेड़ा, पूराकलां, रामपुरा कठवर, टेटा, थाना और उगरपुर को अटल भूजल योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है।
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इन जिलों में चल रहा काम
केंद्र सरकार की अटल भूजल योजना के अंतर्गत प्रदेश के दस जिलों का चयन किया गया है। इनमें बुंदेलखंड के छह जिले झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट हैं। इनके अलावा शामली, मेरठ, सहारनपुर और बागपत जिले शामिल हैं। कुछ दिनों पूर्व प्रदेश सरकार ने भी उप्र अटल भूजल योजना शुरू की है। इसमें प्रदेश के सभी जिले शामिल हैं।
क्या है अटल भूजल योजना
लगातार घट रहे भूजल स्तर में सुधार करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अटल भूजल योजना शुरू की गई है। इसमें कम पानी में अधिक पैदावार वाली फसलों की बुवाई, पुराने तालाब और पोखरों को पुनर्जीवित करने, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के साथ - साथ पानी को संजोने के स्रोत तलाशे जाएंगे। जल संरक्षण और जल संचयन से पानी का स्तर बढ़ाया जाएगा।
चयनित किए गांवों में जन सहभागिता से भूजल स्तर सुधारने का प्लान तैयार किया जाएगा। प्लान को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति के बाद योजना पर अमल शुरू होगा। सबसे बड़ी जिम्मेदारी गांव वालों की है, क्योंकि उन्हीं की सहभागिता से ही काम होगा। - शशांक शेखर सिंह, सहायक अभियंता, भूगर्भ जल विभाग