अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शुभम उपाध्याय की गिरफ्तारी होते ही भाजपा नेता आशीष उपाध्याय भाग निकला। उसने अपने सभी मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ कर लिए। पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी लेकिन, कहीं सुराग नहीं मिला। पुलिस को चकमा देकर आशीष ट्रेन से ग्वालियर के रास्ते दिल्ली भाग निकला। दिल्ली से ही उसने झांसी में आत्मसमर्पण के लिए याचिका भी दाखिल कर दी। जिन मोबाइल नंबरों के सहारे आशीष बात कर रहा था, सर्विलांस की मदद से पुलिस को इसकी भनक लग गई। पुलिस के चंगुल से बचने के लिए शुक्रवार एवं शनिवार को उसके यहां आकर आत्मसमर्पण करने की तैयारी थी। पुलिस ने भी अपना जाल-बिछाया था। उसकी धर-पकड़ के लिए ग्वालियर से झांसी के रास्ते तक पुलिस टीम सादे कपड़ों में तैनात थी। टोल प्लाजा में स्वॉट मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को उसकी चाणक्यपुरी में सटीक लोकेशन मिल गई। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने वहां दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
इनसेट
शुभम के खाते से दो करोड़ का लेनदेन मिला
पुलिस अफसरों का कहना है कि शुभम के बैंक खातों को खंगालने पर आशीष उपाध्याय के साथ उसका बड़े पैमाने पर लेनदेन मिला है। सबसे अधिक लेनदेन 2024 में हुए लोक सभा चुनाव के दौरान मिला। एक दिन में करीब 14 लाख रुपये का लेनदेन का ब्योरा मिला। इसी तरह अन्य दिनों में भी नियमित तरीके से दोनों के बीच पैसों का लेनदेन हो रहा था। आशीष का दूसरे लोगों के साथ हुए लेने का विवरण भी खंगाल रही है।