संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गर्मी की अभी शुरुआत है लेकिन घर के बाहर लगे मीटरों की बत्ती अभी से लाल होने लगी है। मतलब घरों में बिजली की खपत बढ़ गई है। आगामी कुछ माह में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ेगी। हालात बेकाबू न हो, इसे लेकर विभाग ने तैयारी की है।
ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ लाइन और बिजली घरों पर लगी मशीनों को अपडेट किया गया है। पिछले साल गर्मी में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा था। दिसंबर-जनवरी माह में 45 मिलियन यूनिट होने वाली खपत मई-जून में 87-88 मिलियन यूनिट तक जा पहुंची थी। इससे हालात बेकाबू हो गए थे।
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115 बिजली घर के 570 फीडरों से 7.84 लाख उपभोक्ताओं को दी जा रही बिजली
- झांसी जोन में बिजली आपूर्ति का ढांचा 115 उपकेंद्रों पर टिका है। यहां से संचालित 570 फीडरों से 7 लाख 84 हजार घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही है। कुछेक उपकेंद्रों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर की स्थिति बेहद खस्ताहाल है। क्षमतावृद्धि, मशीनों की मरम्मत और लाइन रिपेयर के कार्य होने के बाद भी आपूर्ति की स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है। :: बॉक्स में -
पिछले वर्ष यूं हुई बिजली की खपत
माह खपत (महानगर) खपत (जोन)
अप्रैल 64 307
मई 87 395
जून 88 354
जुलाई 83 354
अगस्त 70 327
सितंबर 65 290
अक्टूबर 62 317
नवंबर 43 296
(खपत मिलियन यूनिट में)
वर्जन
गर्मी में बिजली खपत को देखते हुए सिस्टम को अपडेट किया गया है। ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ ही लाइनों और मशीनोें में सुधार किया गया है। गर्मियों में उपभोक्ताओं को बेहतर से बेहतर आपूर्ति देने का प्रयास किया जाएगा। - सगीर अहमद, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण मंडल झांसी