झांसी। खासी मशक्कत के बाद आखिरकार एक ब्लॉक में पांच साल से जमे 37 सचिवों का तबादला हो गया। मंगलवार को तबादला सूची जारी होते ही सचिवों के बीच तबादला रुकवाने की होड़ छिड़ गई है हालांकि शासनादेश के चलते इनका तबादला निरस्त करना प्रशासन के लिए अब आसान नहीं रह गया।
पिछले तीन साल से एक ब्लॉक में जमे सचिवों का तबादला किया जाना था लेकिन, इस सीमा के भीतर सत्तर फीसदी सचिव आ रहे थे। इसके चलते इस सीमा को बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया। जब पांच साल से एक ब्लॉक में जमे सचिवों की तलाश शुरू हुई तब 21 सचिव ग्राम्य विकास विभाग केे एवं 16 सचिव पंचायती राज विभाग के पाए गए। सचिवों की यह सूची करीब तीन दिन से तैयार थी लेकिन, तमाम दबाव के चलते यह सूची अनुमोदित नहीं हो पा रही थी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के झांसी आने से ठीक एक दिन पहले यह सूची अनुमोदित कर दी गई। वहीं, सूची अनुमोदित होते ही जिन सचिवों के तबादला हुए वह अब तबादला निरस्त कराने में जुट गए। कई सचिव अपना मौजूदा ब्लॉक छोड़ने को राजी नहीं हैं। ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों से भी सिफारिशें लगवाई जा रही हैं। वहीं, सीडीओ शैलेष कुमार के मुताबिक सूची जारी होने के बाद किसी का तबादला निरस्त नहीं होगा। शासनादेश के मुताबिक यह तबादले हुए हैं।