झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर आयोजित तीन दिवसीय जलसा पर्व का आगाज सेना के जवानों के हैरतअंगेज प्रदर्शनों से होगा। इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स, बीएसएफ और डीआरडीओ लक्ष्मी व्यायाम मंदिर (एलवीएम) के ग्राउंड में अपना कौशल दिखाएंगे। सेना की ओर से आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जलसा में सेना के जवान लड़ाकू विमानों से छलांग लगाएंगे।
रानी की जयंती पर आयोजित जलसा पर्व के तहत सेना राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व मना रही है। इसके तहत 17 नवंबर (बुधवार) को लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में सेना की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सुबह 11 से शाम पांच बजे तक चलने वाले इस आयोजन की शुरुआत में बीएसएफ की ओर से डॉग शो और हॉर्स जंपिंग शो का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद कमान इंडियन एयर फोर्स संभालेगी। मिराज, 03 एसयू 30 व एमआई 17 जैसे विमानों से सेना के जवान पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर मैदान में उतरेंगे।
इसके बाद डीआरडीओ की ओर से स्वार्म ड्रोन डिस्प्ले होगा। इसमें मास्टर ड्रोन के साथ कई ड्रोन एक साथ उड़ेंगे। एक ड्रोन के ध्वस्त हो जाने पर दूसरा खुद ब खुद मास्टर ड्रोन बनकर कमान संभाल लेगा। आखिरी के सभी कार्यक्रम इंडियन आर्मी की ओर से प्रदर्शित किए जाएंगे। एयर हॉट बैलून उड़ाए जाएंगे, जिसमें स्कूली बच्चों को उड़ने का मौका मिलेगा, तो वहीं सेना के जवान पैरामोटर के जरिये कैंट क्षेत्र से उड़ान भरकर एलवीएम ग्राउंड में उतरेंगे। कार्यक्रम के अंत में सेना के बैंड देशभक्ति की धुनें छेड़ेंगे।
ये होंगे आयोजन
समय आयोजन
सुबह 11 बजे डॉग शो
सुबह 11.30 बजे हॉर्स जंपिंग शो
दोपहर 12 बजे पैराशूट जंपिंग
दोपहर 01 बजे स्वार्म ड्रोन डिस्प्ले
दोपहर 1.30 बजे हॉट एयर बैलून
दोपहर 3.30 बजे पैरा मोटर
शाम 04 बजे माइक्रोलाइट
शाम 4.30 बजे आर्मी बैंड
ढाई हजार स्कूली बच्चे देखेंगे प्रदर्शन
झांसी। सेना के प्रदर्शन के साक्षी चार हजार लोग बनेंगे। इनमें ढाई हजार स्कूली बच्चे होंगे। प्रत्येक स्कूल के 25 बच्चे व दो शिक्षकों को एलवीएम में जगह मिलेगी। ये तय करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। जबकि, डेढ़ हजार अन्य लोगों को भी एलवीएम ग्राउंड में प्रवेश दिया जाएगा।