अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के राइज इंक्यूबेशन सेंटर की मदद से शुरू हुए ‘हॉस्टल नियर मी’ स्टार्टअप को 40 लाख रुपये की सरकारी मदद मिली है। यह स्टार्टअप झांसी पढ़ने आने वाले बाहर के विद्यार्थियों को छात्रावास ढूंढने में मदद करता है।
सिविल लाइन के रहने वाले अरमान मेहरोत्रा (26) इस कंपनी के सीईओ हैं। उनकी मां अनुराधा मेहरोत्रा चीफ ऑपरेशन ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। 2021 में वह राइज इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़े थे। 12 महीने तक इंक्यूबेशन सेंटर में सीखने और स्टार्टअप शुरू करने के लिए स्टाफ का काफी सहयोग मिला। फिर उन्होंने ‘हॉस्टल नियर मी’ नाम से स्टार्टअप शुरू किया है।
19 मार्च 2024 को कंपनी पंजीकृत हुई थी। झांसी में अब तक 12 छात्रावास उनसे जुड़ चुके हैं। अब तक 25 युवाओं को छात्रावास दिलवा भी चुके हैं। अरमान ने बताया कि केंद्र सरकार की सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया से उन्हें तकनीक बढ़ाने के लिए 25 लाख रुपये का निवेश मिला है। देश में सिर्फ आठ स्टार्टअप का इसके लिए चयन किया गया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार की जेनेसिस योजना के तहत इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से पांच लाख रुपये अनुदान मिला है। वहीं, प्रदेश सरकार की स्टार्ट इन योजना के तहत भी 10 लाख रुपये अनुदान जारी करने की स्वीकृति मिल गई है। स्मार्ट सिटी के सीईओ सत्य प्रकाश ने बताया कि पहले भी कई स्टार्टअप को अनुदान मिल चुका है, मगर राइज इंक्यूबेशन सेंटर का ये पहला स्टार्टअप है, जिसे इतना अधिक अनुदान या निवेश मिला है। युवाओं को इंक्यूबेशन सेंटर की मदद से स्टार्टअप शुरू करने में काफी मदद भी मिल रही है।
जेब खर्च और इंटरनशिप में मिले पैसे से खड़ी की कंपनी
अरमान ने बताया कि इस कंपनी को खड़ा करने के लिए उन्होंने जेब खर्च और इंटरनशिप में मिले पैसे को भी लगा दिया। शुरुआत में उनके साथ दो दोस्त भी थे। मगर बाद में उन्होंने साथ छोड़ दिया। उनके सामने कई चुनौतियां आईं। मगर उन्होंने हार नहीं मानी। अभी कंपनी में छह लोगों की टीम है। इसमें आईआईटी के प्रोफेसर परामर्शदाता के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
अब दूसरे शहरों में कंपनी के विस्तार की योजना
हॉस्टल नियम मी के सीईओ ने बताया कि उन्होंने कंपनी की नई वेबसाइट तैयार कर ली है। इसमें कई फीचर्स डाले हैं। अब कंपनी का यूपी के प्रयागराज, मेरठ समेत दूसरे शहर में विस्तार करने की योजना है। इसके लिए सरकारी फंड बहुत मददगार साबित होगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी फंड लेने की योजना है।