‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बुधवार को ‘किशोरी जागरूकता कार्यशाला’ आयोजित की गई, जिसमें बालिकाओं को किशोरावस्था में शरीर में होने वाले बाहरी व आंतरिक बदलावों की जानकारी दी गई। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
शिवाजी नगर स्थित एचएन गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में जिला अस्पताल की किशोरी क्लीनिक की काउंसलर हेमलता शर्मा ने कहा कि बालिकाओं के लिए 10 से 18 वर्ष की आयु बेहद संवेदनशील होती है। जीवन के इस दौर में उनके शरीर में अंदरूनी और बाहरी बदलाव होते हैं। इन दिनों में खानपान का विशेष ख्याल रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं है। बल्कि, ये एक सामान्य प्रक्रिया है।
माहवारी के दिनों में पैड का इस्तेमाल करें। विशेष परिस्थिति में यदि कपड़े का इस्तेमाल करना पड़ जाए, तो ध्यान रखें कि वो सूखा और साफ हो। साथ ही माहवारी शुरू होने पर शर्माएं या घबराएं नहीं, बल्कि इसकी जानकारी अपनी शिक्षिकाओं व परिवार की महिलाओं को दें। उनसे सही मार्गदर्शन मिलेगा। महिला अस्पताल की किशोरी क्लीनिक में पैड निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आरके खत्री, समन्वयक रमेश नागिल, रूपाली पांडेय समेत रेखा बिलगइयां, आशा कुशवाहा, मंजली नायक, मीनाक्षी भदौरिया, सोनम राठौर, पूनम पांडेय, शाहिजा खान आदि उपस्थित रहीं।