दुनारा से नहीं मिल रहा सीपरी बाजार को करंट
झांसी। दुनारा ट्रांसमिशन सबस्टेशन से जुड़े सूतीमिल के साथ सीपरी बाजार खालसा सबस्टेशन को चलाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। यह समस्या कम वोल्टेज मिलने के कारण बन रही है, इससे बिजली विभाग की दो जगह से करंट देने की योजना सफल नहीं हो रही है। मजबूरन, सीपरी बाजार को हंसारी की वर्षों पुरानी लाइन से ही करंट लेना पड़ रहा है। इस लाइन में फाल्ट आने पर संबंधित क्षेत्रों की घंटों बिजली गुल रहती है।
हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से पहले महानगर के सभी 15 सबस्टेशन, बरुआसागर, बबीना, भेल और आसपास क्षेत्र को बिजली मिलती थी। गर्मियों में ओवर लोडिंग के कारण उक्त सभी सबस्टेशनों को एक साथ बिजली देना संभव नहीं हो पाता था। इस समस्या के निदान के लिए बड़ागांव के दुनारा में 220 केवीए ट्रांसमिशन सबस्टेशन का निर्माण किया गया। इस सबस्टेशन से अभी मेडिकल, उन्नाव गेट, गल्लामंडी व सूतीमिल को बिजली दी जा रही है। साथ ही दुनारा से सीपरी बाजार को भी कई सालों से कोशिश की जा रही है। इससे दो जगह से सीपरी बाजार सबस्टेशन को करंट मिलने लगेगा। इसके लिए सीपरी बाजार सबस्टेशन से सूती मिल तक हाइटेंशन लाइन डाली गई है। दुनारा से सूतीमिल तक आई हाइटेंशन लाइन में टेपिंग कर सीपरी बाजार को बिजली मिलना है। विभाग कई बार टेपिंग कर सीपरी बाजार को बिजली देने की कोशिश कर चुका है, लेकिन वोल्टेज कम मिलने से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।
अभी दुनारा की हाइटेंशन लाइन से सीपरी बाजार सबस्टेशन को बिजली मिलना संभव नहीं हो पा रहा है। लाइन जोड़ने पर वोल्टेज कम मिल रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सीपरी बाजार सबस्टेशन पर केपीसीटर बैंक लगाने की योजना पर काम चल रहा है। केपीसीटर बैंक लगने से लाइन लॉस कम हो जाते हैं। - अनुभव कुमार, अधिशासी अभियंता (द्वितीय)।
अभी यह है समस्या
हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से निकली 33 केवीए हाइटेंशन लाइन 15 किलोमीटर का रास्ता तय करके सीपरी बाजार सब स्टेशन पहुंचती है। यह लाइन जंगल व खेतों के रास्ते से गुजर कर आती है। रात में फाल्ट आने पर उसे तलाशने में बहुत दिक्कतें आती हैं। इससे घंटों बिजली गुल रहती है।
एक नजर
- सीपरी बाजार सब स्टेशन से रायगंज, खालसा, जर्मनी व सीपरी बाजार फीडर जुड़े हैं।
- यहां पांच एमवीए के तीन ट्रांसफार्मर हैं, इनसे इलाके के 90 मिनी ट्रांसफार्मर जुड़े हैं।
- छह लाख यूनिट बिजली बेची जाती है, जिसके जरिए विभाग को लगभग दो करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है।
ये प्रमुख मोहल्ले जुड़े हैं
- मसीहागंज, मैला की टौरिया, छोटी माता मंदिर, कलारी, हाता प्यारे लाल, नाल गंज, रायगंज, प्रेमगंज, न्यू रायगंज, जर्मनी अस्पताल, साहनी कॉलोनी, आजाद गंज, सिगनलपुरा, टंडन रोड, ग्वालटोली, चित्रा चौराहा, आफीसर्स कॉलोनी, गोंदू कंपाउंड, पोस्ट ऑफिस, लहरगिर्द, खालसा कॉलेज आदि क्षेत्र जुड़े हैं।