नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की ली शपथ
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अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बुधवार को ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’ विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने महिला विकास के लिए शिक्षा को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा जरिया है, जो किसी भी सामान्य इंसान को कितनी भी ऊंचाई तक ले जा सकता है। शिक्षित नारी ही शिक्षित समाज का निर्माण कर सकती है। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
ज्ञान स्थली पब्लिक इंटर कालेज में आयोजित गोष्ठी में संस्था की चेयरपर्सन अर्चना गुप्ता ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। सभी बेटियां शिक्षित हों, इसका समाज को ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि शिक्षा ही किसी भी व्यक्ति को आसमान की ऊंचाई पर ले जा सकती है। प्रधानाचार्य डा. विक्रम सक्सेना ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को नारी के सम्मान और आत्म स्वाभिमान की रक्षा करनी चाहिए। नेहा मिश्रा ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। प्रबंधक डा. आरबी गुप्ता ने कहा कि शिक्षा के प्रति जागरूकता से ही महिलाओं की दशा परिवर्तित हुई है। ये स्थिति निरंतर जारी रहे, इसके लिए बालिका शिक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा। इस दौरान अवनीश वर्मा, ज्योश्ना सिंह, मंजू वर्मा आदि ने भी विचार रखे।
शिक्षा से ही नारी सशक्त हुई है। देश की रक्षा हो या समाज की, महिलाएं सेना व पुलिस में रहकर सभी जगह अपनी भूमिका अदा कर रही हैं। इसी से देश भी सशक्त हुआ है।
- अदिशा खान
पिछले कुछ सालों के दरम्यान शिक्षित महिलाओं की संख्या बढ़ी है। इसी का नतीजा है कि देश भी आगे बढ़ा है। नारी जितनी शिक्षित होगी, उतनी आगे बढ़ेगी और साथ में देश भी आगे बढ़ेगा।
- पारुल
दुनिया के जितने भी विकसित देश हैं, सभी में महिलाओं की बराबर की भागीदारी है। भारत में जब ये स्थिति बन जाएगी, हमारा देश भी विकसित देशों की कतार में खड़ा हो जाएगा।
- खुशी साहू
समाज के निर्माण में महिलाओं की बड़ी भूमिका होती है। शिक्षित महिला ही शिक्षित समाज का निर्माण कर सकती है। इसलिए बेटियों की शिक्षा जरूरी है।
- निकिता बुंदेला