अप्रैल माह में कोई मुहुर्त नहीं होने पर भी तय कर दी सामूहिक विवाह की तिथियां।
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अप्रैल तक शुभ मुर्हुत नहीं, फिर भी तय कर दी सरकारी विवाह की तिथियां
झांसी। शुभ मुहूर्त विचार के बाद ही विवाह तिथियां अमूमन तय होती हैं लेकिन, योगी सरकार के अफसर इन मान्यताओं पर भरोसा नहीं करते। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए उन्होंने बिना मुहूर्त विचारे ही 20 जनवरी की तिथि तय कर दी जबकि अप्रैल माह तक कोई मुहूर्त नहीं है। नगर निगम के साथ ब्लॉक स्तर पर भी सामूहिक विवाह आयोजित होंगे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए सरकार 51 हजार रुपये प्रति जोड़े पर खर्च करती है। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के खाते में सीधे जमा कराए जाते हैं जबकि गृहस्थी के सभी जरूरी समान भी दिए जाते हैं। शुरू में कोविड के चलते इसे स्थगित किए जाने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन, योजना के सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार होने के नाते अगस्त में बजट जारी कर दिया गया। हालांकि बजट में कटौती की गई। बजट जारी होने के बाद सहालग के दो सीजन बीत गए लेकिन, अफसर विवाह की तिथियां तय नहीं कर सके।
अब वित्तीय वर्ष खत्म होने के कगार पर आया तब, आनन-फानन में इसे खपाने के लिए विवाह तिथियां तय कर दी गईं। नगर निगम ने 20 जनवरी की तिथि तय की है। उसकी ओर से 25 जोड़ों का विवाह कराने की तैयारी की जा रही। ब्लॉक स्तर पर भी आयोजन की रूपरेखा बनाई गई है। ज्योतिषाचार्य कुलदीप नगाइच का कहना है अप्रैल माह तक विवाह का लग्न नहीं है जबकि जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह के मुताबिक मुहूर्त में विवाह कराने की कोशिश की जाती है लेकिन, अब कोई लगन नहीं है। ऐसे में इस समय कराना पड़ रहा।