अमर उजाला ब्यूरो
मऊरानीपुर/झांसी। अमर उजाला की नारी सशक्तीकरण की मुहिम अपराजिता के तहत शनिवार को मऊरानीपुर के सेंट मैरी स्कूल में जागरुकता कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि एसएसपी सुधा सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि उनके साथ होने वाली किसी भी तरह की अप्रिय घटना को वे छुपाएं नहीं बल्कि खुलकर बताएं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपराजिता का अर्थ समझाते हुए कहा कि जो कभी पराजित न हो वह अपराजिता है। छात्राएं खुद को कभी कमतर करके न आकें। मेहनत करके समाज में खुद की जगह बनाएं।
क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम ने गेमिंग व लोन देने का लालच देने वाले एप से सावधान रहने की जरूरत बताई। छात्रों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। ईमेल समेत पासवर्ड सुरक्षित रखने की सबसे आवश्यक बताया। एसडीएम गोपेश तिवारी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया।
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विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, पुलिस कप्तान ने दिए जवाब...
शिवी यादव: तमाम अभियानों के बावजूद अपराध क्यूं बढ़ रहे हैं?
एसएसपी: पहले के समय में महिलाओं में अपराध के प्रति जागरुकता कम थी। अपराध होने पर वह सामने नहीं आती थीं। अब महिलाएं मुखर हो रही हैं। महिलाएं अपने साथ होने वाले अपराध पर चुप होकर बैठने के बजाए उसकी शिकायत करती हैं। इस वजह से हमें अपराध बढ़े हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस ऐसे मामले सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करती है।
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कनिष्ठ: हम गलत नहीं फिर भी अगर कोई झूठी शिकायत कर दे, तब क्या करें?
एसएसपी: कई बार यह देखने में आता है कि कुछ लोग गलत मंशा से मुकदमा दर्ज करा देते हैं। इसकी पुलिस जांच अपने स्तर से करती है। पुलिस सुबूत जुटाती है। अगर मामला गलत पाया जाता है तब ऐसे मामलों को पुलिस स्पंज कर देती है। इसमें घबराने जैसी कोई बात नहीं।
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सौम्या पटेल: लड़कियां के निकलने पर लड़के कमेंट करते हैं। इनसे कैसे निपटें?
एसएसपी : लड़कियों को खुद को मजबूत बनाना होगा। अगर वह सेल्फ डिफेंस सीखें, तब यह और भी अच्छा। अगर सड़क पर कोई ऐसी हरकत करे तब चुप रहने की जरूरत नहीं है। बोलने की जरूरत है। अगर कुछ भी गलत हो रहा है तब उसके खिलाफ जरूर आवाज उठानी चाहिए।
शिल्पी यादव : सोशल मीडिया पर प्राइवेट सेटिंग रखने पर स्क्रीन शॉट लेने वालों से कैसे बचें?
एसएसपी : पुलिस की मदद लेनी चाहिए। पुलिस मदद करेगी। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारियों को साझा करने से बचना चाहिए। जागरूक रहकर सोशल मीडिया के जरिये होने वाले अपराधों से बचा जा सकता है।
मुकुल यादव : महिलाओं का भरण पोषण लेना कितना उचित है?
एसएसपी: भरण पोषण का लिया जाना हमेशा सब्जेक्टिव होता है। तलाक की स्थिति आने पर आमतौर पर महिलाएं को भरण पोषण दिया जाता है। यह बच्चों की परवरिश एवं उनके जीवन के लिए आवश्यक होता है। खासतौर से बच्चों की अच्छी देखभाल के लिए यह रकम तय होती है। महिलाओं को चाहिए कि वह आर्थिक तौर पर खुद को हमेशा से मजबूत बनाएं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।