संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। झांसी-कानपुर रेल मार्ग पर जानवरों को ट्रैक पर आने से रोकने के लिए दोनों ओर रेल विकास निगम फेंसिंग करा रहा है। सबसे ज्यादा हादसे वाले स्थानों को चिह्नित कर पहले काम शुरू कराया गया है। शेष हिस्से का कार्य अगले साल तक पूरा कर लिया जाएगा।
झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर 216 किमी तक झांसी रेल मंडल की सहयोगी संस्था ने ट्रैक के दोनों ओर कैटल गार्ड लगाने का निर्णय लिया। इस कार्य को पूरा करने के लिए सबसे पहले उन स्थानों का चयन किया गया, जहां पशुओं के टकराने या ट्रेन से कट जाने की घटना हुई हों। रेलवे ने सर्वे करने के बाद पाया कि चिरगांव, नंदखास, पिरौना, भुआ, सरसौखी, आटा, उसरगांव, कालपी, पामां और लालपुर ऐसे सेक्शन हैं, जहां हर ब्लॉक सेक्शन में हर माह चार से पांच जानवर कटने या टकराने के मामले सामने आते हैं। वहीं, कुछ ऐसे गांव हैं, जहां गांव वाले सुबह मवेशियों को हांककर रेलवे लाइन किनारे चरने के लिए छोड़ जाते हैं। इनमें इकलासपुरा, अजनारी, रनियां सहित कई ऐसे रेल किनारे के गांव हैं जहां यह समस्या आती है। ट्रैक किनारे करीब पांच फुट ऊंची फेंसिंग कराई गई है। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैक के दोनों ओर कैटल गार्ड लगाने का काम अगले साल पूरा कर लिया जाएगा।