भाई की लाश लेने को मेडिकल कॉलेज जा रहे थे बुजुर्ग, 22 दिनों से मेडिकल कॉलेज में चल रहा था उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बड़ागांव के उड़ेना गांव के पास महिला डॉक्टर की कार की चपेट में आने से घायल बुजुर्ग ने बाइस दिनों बाद उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। चचेरे भाई की मौत के बाद वह उसकी लाश लेने मेडिकल कॉलेज आ रहे थे। रास्ते में महिला डॉक्टर की कार की चपेट में आकर वह घायल हो गए थे। तब से उनका इलाज चल रहा था।
बड़ागांव के पालर गांव निवासी रमेश अहिरवार की 23 नवंबर को करंट से मौत हो गई थी। उसकी लाश लेने राजाराम अहिरवार (65) अपने भाई राम सिंह के साथ मोपेड से मेडिकल कॉलेज आ रहे थे। परिजनों के मुताबिक जैसे ही वह उडेना गांव के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार कार ने उनकी मोपेड को पीछे से टक्कर मार दी। राजाराम सड़क पर गिर गए। उनको गहरी चोट आ गई। कार महिला डॉक्टर चला रही थी। घायल हाल में राजाराम को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। रविवार को उनकी मौत हो गई। एक माह में परिवार में दो मौत होने से घर में कोहराम मच गया। राजाराम खेती किसानी करते थे। पत्नी रामकुमारी की पांच साल पहले कैंसर से मौत हो गई। बड़ागांव थाना प्रभारी प्रकाश सिंह के मुताबिक अभी परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिली है।