हिंदी पर बात चली है तो दूर तलक जाएगी ही। अमर उजाला के अभियान 'हिंदी: अपनों की भाषा, सपनों की भाषा' के तहत युवा पीढ़ी से लेकर अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित लोगों से इस विषय पर बात हुई तो पता चला कि कोई पहले माने या बाद में, हिंदी का दबदबा तो मानना ही पड़ता है। कोई क्षेत्र इससे अछूता नहीं है।
संगीत, कला, थिएटर से लेकर व्यावसायिक गवितिधियों तक हिंदी की जरूरत है, हर मुश्किल का समाधान और सफलता का मंत्र भी हिंदी है। बात तो उसके सम्मान की है।
अमर उजाला की इस पहल पर झांसी के युवा फिल्मकार, अभिनेता, संगीतप्रेमी आगे आए हैं। उन्होंने न सिर्फ उनके लिए वरदान साबित हुई हिंदी को लेकर अपने अनुभव साझा किए, बल्कि समाज के हर वर्ग से मातृभाषा को भरपूर सम्मान देने की अपील की।
मैंने तो मायानगरी में जाकर सीधे कहा, मुझसे तो हिंदी में बात करो: आरके गौरव
मूल रूप से झांसी के रहने वाले युवा अभिनेता आरके गौरव ने कहा कि हम लोग खुद ही हिंदी को कम महत्व देते हैं। जब वे अभिनय के सिलसिले में मुंबई गए तो वहां ज्यादातर बातचीत अंग्रेजी में होती थी।
इस पर गौरव ने सभी से साफ कह दिया कि मुझसे हिंदी में बात करो। आखिरकार लोगों को हिंदी में बात करनी पड़ी। आत्मविश्वास से लबरेज गौरव ने बताया कि न उन्होंने कोई इंटरव्यू अंग्रेजी में दिया और न ऑडिशन।
अंग्रेजी से न बहुत ज्यादा वास्ता है और न ख्वाहिश। हम जो भी हैं जैसे हैं आपके सामने हैं। हिंदी हमारी मातृभाषा है, हमारा मान है। मुंबई के नटरंग थिएटर में भी उन्होंने हिंदी में अभिनय किया, सभी से हिंदी में बात की।
गौरव ने हिंदी फिल्म 'झूठा कहीं का' में भी अभिनय किया है। गौरव के अनुसार मायानगरी वाले बड़ी-बड़ी बातें भले ही अंग्रेजी में करें। अंत में उन्हें फिल्म का शीर्षक हिंदी में ढूंढना पड़ता है। ये उन्हें भी अच्छी तरह से पता है। वे हिंदी में ही कविताएं भी लिखते हैं।
अंग्रेजी एक्टर हिंदी में सही ढंग से डायलॉग नहीं बोले पाते: रवि रायकवार
आंतिया तालाब निवासी रवि रायकवार पिछले पांच वर्षों से थिएटर से जुड़े हैं। उन्होंने तुगलक, कोर्ट मार्शल आदि में अभिनय किया। जब मुंबई गए तो वहां की दुनिया अंग्रेजी बोलने वालों की मिली।
हिंदी में बात करने वालों से सही ढंग से बात भी नहीं की जा रही थी। रवि ने बताया कि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सोचा, अभिनय हिंदी में करना है, डॉयलॉग हिंदी में बोलना है। ये अंग्रेजी बोलने वाले उस दौरान अंग्रेजी में तो बोलेंगे नहीं।