झांसी। बिहार में होने वाले विधानसभा के चुनाव में हवा का रुख अपनी ओर मोड़ने के लिए प्रत्याशी बड़े पैमाने पर काले धन का उपयोग कर सकते हैं। ये पैसा मुंबई व अन्य शहरों से बिहार भेजा जा सकता है। ये जानकारी रेल सुरक्षा बल की खुफिया शाखा को लगी है। इसके साथ ही बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों की निगहबानी तेज कर दी गई है। अब एसएलआर कोचों की भी जांच की जाएगी।
बिहार की राजनीति और धनबल व बाहुबल का चोली दामन का साथ है। बिहार में 28 अक्तूबर, तीन व सात नवंबर को मतदान होना है। राजनीतिक दल और प्रत्याशी हवा का रुख अपनी ओर मोड़ने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। तमाम प्रत्याशी साम, दाम, दंड और भेद के उपयोग से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। चुनाव आयोग की निगाहों से बचते हुए ये प्रत्याशी पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं।
प्रत्याशी पकड़ने के डर से ये पैसा इकट्ठा नहीं रख रहे हैं, बल्कि समय - समय पर रकम ट्रेनों के माध्यम से देश के दूसरे शहरों से मंगाई जा रही है। इस काम में उनका एक पूरा तंत्र लगा हुआ है। आरपीएफ की खुफिया शाखा को ट्रेन के एसएलआर कोच में बुक होने वाले सामान के बीच नकदी भेजने की सूचना मिली है। इनपुट मिलते ही सभी प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ को अलर्ट कर दिया गया है। झांसी से भी गोरखपुर होकर छह ट्रेनें बिहार की तरफ जा रहीं हैं। लिहाजा यहां खासी सतर्कता बरती जा रही है।
आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि खुफिया विभाग से उक्त जानकारी मिली है। झांसी से होकर बिहार की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनों पर नजर रखी जा रही है। चूंकि, ट्रेन के एसएलआर कोच लीज (प्रावइेट ठेके) पर हैं इसलिए संदेह होने पर ही उनके सामान को जांचा जाएगा।