अक्षय तृतीया पर्व की रौनक कई दिन पहले से ही महानगर में नजर आने लगती थी। लेकिन, इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन की वजह से इस पर्व से जुड़ीं परंपराओं को निर्वहन घरों तक ही सीमित रहेगा। न तो नगर में शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी और न ही अन्य कोई कार्यक्रम होंगे। यहां तक कि शुभ मुहूर्त होने के बाद भी शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी।
अक्षय तृतीया पर्व रविवार को है। शादियों के लिए ये बेहद शुभ मुहूर्त माना जाता है। यही वजह है कि हर साल इस दिन महानगर में शादियों की धूम रहा करती थी। बाजार गुलजार नजर आते थे। लेकिन, इस बार हालात एकदम जुदा हैं। लॉकडाउन की वजह से बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
महीनों पहले तय होने के बाद भी हालात से समझौता करते हुए लोगों ने शादियां टाल दी हैं। इसके अलावा अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की भी जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर ब्राह्मण संगठनों की ओर से महानगर में कई शोभा यात्राएं निकाली जाती थीं व अन्य आयोजन भी होते थे, लेकिन इस बार ये सभी आयोजन घरों में ही सिमट कर रह गए हैं। लोग घर में रहकर ही परशुराम जयंती मनाएंगे।
सोना - चांदी व अन्य धातुओं की खरीदारी के लिए भी ये दिन बेहद शुभ माना जाता है। सराफा बाजार में जमकर भीड़ उमड़ती थी। कई दिन पहले से इसकी तैयारियां की जाने लगतीं थी, परंतु इस अक्षय तृतीया पर इस परंपरा का निर्वहन नहीं हो पाएगा। घरों में गुड्डा - गुड़िया व मिट्टी के कलश को स्थापित कर पूजा की जाएगी। सिद्धेश्वर मंदिर से भगवान परशुराम की आरती का लाइव प्रसारण किया जाएगा।