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निगम को लगाई तीन करोड़ की चपत, अब नोटिस का भी नहीं दे रहे जवाब

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झांसी। नगर निगम के लाइसेंस एवं विज्ञापन विभाग की लापरवाही से प्रचार-प्रसार करने वाली एजेंसियां तीन करोड़ रुपया दबाए बैठीं हैं। एजेंसियों ने पहले यूनिपोल, गैंट्री, कैंटीलीवर आदि के जरिए कमाई की। जब निगम को शुल्क देने की बारी आई तब अपना काम समेट लिया। अब नगर निगम की ओर से जारी नोटिस का भी जवाब नहीं दे रही हैं। अफसरों की लापरवाही से सरकारी खजाने को चूना लगना तय है।
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महानगर में प्रचार-प्रसार के काम में लगी एजेंसियों पर निगम का पिछला करीब तीन करोड़ रुपया बकाया है। पिछले दो वर्षों से निगम अपनी यह रकम नहीं वसूल सका। पिछले वित्तीय वर्ष में ही निगम को करीब डेढ़ करोड़ की चपत लगी है। पिछले वित्तीय वर्ष में डेढ़ दर्जन यूनीपोल, आठ गैंट्री समेत होर्डिंग, कियोस्क एवं कैंटीलीवर का तीन एजेंसियों को ठेका दिया गया था। एजेंसियों ने शुरूआत में सिर्फ टोकन मनी जमा की। उसके बाद उन्होंने इसका फायदा उठाया। हालात यह रहे कि महानगर में कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देशक स्थानों तक पर इन एजेंसियों ने विज्ञापन टांग दिए। उनकी इस हरकतों पर निगम प्रशासन चुप्पी साधे बैठा रहा।
मानक के विपरीत यह एजेंसियां साल भर प्रचार-प्रसार में जुटी रहीं। अब इस ठेके की अवधि खत्म हो चुकी। निगम ने जब एजेंसियों से बकाया चुकाने को कहा तब उन्होंने अपने हाथ खड़े कर दिए। निगम अफसरों का कहना है कि करीब तीन करोड़ रुपये की वसूली होनी है। उनके हाथ खड़ा करने के बाद निगम ने तीनों एजेंसियों को नोटिस भेजा लेकिन, किसी ने भी अभी तक इसका जवाब नहीं दिया।
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इसके पहले भी निगम का वर्ष 2018-19 का डेढ़ करोड़ रुपये भी वसूल नहीं हो सके। वहीं, इस वित्तीय वर्ष का पैसा भी डूबने के कगार पर पहुंच गया। तीनों एजेंसियों को नोटिस जारी करने के बाद अब निगम अफसर फिर से चुप्पी साधकर बैठ गए हैं जबकि नए ठेके जल्द होने हैं। इन एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू नहीं हुई है।
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बकायेदारों को नोटिस भेजे गए हैं। उनसे निश्चित तौर पर वसूली की जाएगी।
अवनीश राय, नगर आयुक्त
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