फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: हेल्प डेस्क बनने के बाद भी घंटों भटक रहे उपभोक्ता

Mon, 03 Aug 2026 02:14 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए वर्टिकल व्यवस्था लागू हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनने के लिए भले ही हेल्प डेस्क बनाई गई हों, लेकिन दर्ज होने के बाद भी घंटों तक उनका निराकरण नहीं हो पाता है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

गौरतलब है कि एक फरवरी को यूपीपीसीएल ने शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए वर्टिकल व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत अलग-अलग कार्यों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी। 33 केवी और 11 केवी लाइनों के रखरखाव के लिए जिम्मेदारियां बांटने के साथ ही बैठने की व्यवस्था भी बदली गई थी। उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने के लिए मुन्नालाल पावर हाउस, जेल चौराहा और नंदनपुरा में एक-एक हेल्प डेस्क बनाई गई है। इन पर शिकायतें तो दर्ज हो रही हैं, लेकिन तय समय पर समाधान न मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं।
अधीक्षण अभियंता पुष्कर सिंह ने जानकारी दी है कि हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। इसके लिए शहरी क्षेत्रों में भी विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन

हर हफ्ते पहुंचती हैं दर्जनों शिकायतें
तीनों हेल्प डेस्क पर हर हफ्ते आधा सैकड़ा से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं। शिकायतों के बाद काम तो होता है, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि समस्या का समाधान तुरंत हो जाएगा। यदि खंभे से बिजली मीटर तक लाइन में फाल्ट आ जाए, तो उसे ठीक होने में घंटों लग जाते हैं।

सामने आए मामले
केस - 1: एक अगस्त को नई बस्ती निवासी नारायण दास के घर की बिजली खराब हो गई थी। सुबह करीब 11 बजे उनके दामाद निहाल सिंह मुन्नालाल पावर हाउस पहुंचे। उन्होंने सुबह से शाम तक चार चक्कर लगाए, लेकिन स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हुआ। आखिर में 1912 (टोल-फ्री नंबर) पर कॉल करने के बाद कार्रवाई हो सकी। इस पूरी प्रक्रिया में पूरे 24 घंटे लग गए।
केस - 2: जेल चौराहा पावर हाउस इलाके में रहने वाले नरेंद्र कुमार का बिजली बिल जमा होने के बावजूद पिछले महीने नया कनेक्शन नहीं जुड़ पा रहा था। इसके लिए उन्हें कई चक्कर लगाने पड़े और शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन करीब 18 घंटे बीतने के बाद उनकी बिजली जोड़ी जा सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें