झांसी। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस उसे मुकाम तक पहुंचाने मेें फिसड्डी साबित होती दिखती है। झांसी मंडल की बात करें तो यहां कुल 2232 विवेचनाएं अब तक लटकी हैं। इसमें सर्वाधिक 1274 लंबित विवेचनाएं झांसी की हैं जबकि ललितपुर की 505 एवं जालौन की 453
विवेचनाएं पुलिस तयशुदा समय के बाद भी पूरी नहीं कर सकी। इस लेटलतीफी के चलते कोर्ट में चार्जशीट समय पर दाखिल नहीं हो रही है। इतने सारे मुकदमे अभी भी सिर्फ विवेचक की डायरी में ही कैद हैं।
थानों में मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस सत्य-असत्य का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट के साथ न्यायालय भेजती है। पुलिस की इसी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में मुकदमे सुने जाते हैं। न्याय की इतनी अहम कड़ी होने के बावजूद पुलिस इस काम में लापरवाही बरत रही है। कानून के जानकारों का कहना है सामान्य तौर पर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अगर उस पर सात साल से कम की सजा के आरोप हैं तब इसकी विवेचना 60 दिन में पूरी कर ली जानी चाहिए जबकि अगर आरोप सात साल की सजा से अधिक के हैं तब 90 दिन के भीतर विवेचना पूरी करके रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करनी होती है। इस समयसीमा के भीतर विवेचना पूरी न होने पर गिरफ्तार आरोपी को जमानत का आधार मिल जाता है। आरोपी इसी आधार पर कोर्ट में जमानत की मांग भी करते हैं।
झांसी रेंज में 2232 विवेचनाएं अब तक पूरी नहीं हुईं। इनमें सर्वाधिक विवेचनाएं झांसी जनपद की शेष हैं। इसके बाद ललितपुर में 505 विवेचनाएं दूसरे स्थान पर 453 जालौन एवं ललितपुर में 505 विवेचनाएं अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। इनमें से अधिकांश विवेचनाएं वर्ष 2021 से पहले की है। लंबित विवेचनाओं पर डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने भी गहरी नाराजगी जताते हुए तीनों जनपदों से रिपोर्ट तलब की है।
सिटी सर्किल- 426
सदर सर्किल- 286
टहरौली- 110
मोंठ 140
मऊरानीपुर 191
गरौठा 121
कुल योग 1274
ललितपुर
सर्किल सदर 222
पाली- 53
तालबेहट 129
महरौनी 101
कुल 505
जालौन
नगर-152
जालौन 65
माधौगढ़ 68
कालपी 110
कोंच 58
कुल - 453
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विवेचनाएं लंबित होने को गंभीरता से लिया गया है। तीनों जनपदों को नोटिस दी गई है। एसएसपी को विवेचना समय पर पूरी करने के लिए नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया है। मेरी ओर से प्रत्येक जनपद में अर्दली रुम किया जाएगा। लंबित विवेचनाओं को तयशुदा समय पर निपटवाया जाएगा। जोगेंद्र कुमार
डीआईजी