झांसी। डेढ़ साल बाद आखिरकार छह से आठवीं क्लास तक के छात्र-छात्राओं के स्कूल खुल गए। सुबह और दोपहर की पाली में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने पहुंचे। हालांकि, पहला दिन होने की वजह से ज्यादा बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। स्कूल संचालकों ने बताया कि 25 फीसदी विद्यार्थियों ने स्कूल में कक्षाओं में पढ़ाई की। आगे के दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
कोरोना वायरस के चलते मार्च 2020 से स्कूल बंद चल रहे थे। छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी। टेस्ट भी ऑनलाइन ही हो रहे थे। वहीं, पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना वायरस का असर कम हुआ तो सरकार ने 23 अगस्त से कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल खोलने के निर्देश दे दिए। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के चलते सोमवार को राजकीय शोक के चलते सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। इस कारण मंगलवार को स्कूल खुले। छात्र-छात्राओं को सुबह और दोपहर की पाली में बुलाया गया। सुबह की पाली वाली कक्षाओं में ज्यादा बच्चे पहुंची, जबकि शाम की पाली में अधिकांश बच्चे क्लास से नदारद रहे। वहीं, पहले दिन स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राएं अपनी पुराने दोस्तों से मिले तो खुशी फूले नहीं समाई। स्कूल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को क्लासेस में बैठाया गया। कोरोना के डर से साथ खाना खाने नहीं दिया गया।
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद हाथ सैनिटाइज कराए
स्कूलों में प्रवेश से पहले छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग कर तापमान नापा गया। सामान्य तापमान होने पर ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश मिला। इसके बाद हाथों को सैनिटाइज कराया गया। वहीं, शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए बैठाया। साथ ही लगातार मास्क पहने रहने के निर्देश देते रहे।
ये बोले स्कूल अधिकारी
.................................
कई दिनों बाद छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे तो पुराने दोस्तों से मिलकर खुश हुए। धीरे-धीरे छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ेगी। गौरव मिश्रा, प्रबंधक, हंसराज मॉडर्न स्कूल।
पहले दिन गिने-गुने बच्चे ही स्कूल आए हैं। दूसरी पाली में तो और भी कम बच्चे स्कूल पहुंचे। उम्मीद है कि बच्चों की संख्या बढ़ेगी। - डॉ. पूनम मलिक, प्राचार्य, सनातन धर्म इंटर कॉलेज।
कोरोना काल में पढ़ाई पर जो ब्रेक लग गया था, अब उसे रफ्तार मिलेगी। ऑफलाइन क्लासेस में ज्यादा पढ़ाई समझ में आती है। - दर्शन भट्ट, भावना कान्वेंट स्कूल।
पहले दिन करीब 25 प्रतिशत छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे हैं। स्कूल में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन कराया गया। - दीपक राय, प्रबंधक, एल्पाइन पब्लिक स्कूल।